मीरगंज। बरसात थमने के बाद रामगंगा में तेज बहाव के चलते बुधवार को श्यामपुर गांव में दो मकान ढह गए, जबकि आसपास गांवों के खेतों में कटान देखने को मिला। इससे श्यामपुर सहित कई गांवों के लोग डरे हुए हैं कि कहीं उनका मकान नदी में न समा जाए। इधर, प्रशासन ने नदी किनारे के सभी मकानों को खाली करने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्र में ज्यादातर नदियों का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन रामगंगा नदी में तेज बहाव अब भी जारी है। कैलाश गिरि मढ़ी रामगंगा पुल के पास कटान इतना तेज है कि अब तक 700 बीघा उपजाऊ जमीन नदी की भेंट चढ़ चुकी है। हालत यह है कि गांव श्यामपुर, मोहम्मदगंज, लभेड़ा, कपूरपुर, गोरा हेमराजपुर समेत कई गांवों के पास रामगंगा पहुंच चुकी है, जिससे खेतों का कटान शुरू हो गया है। ग्राम सिमरिया के लोगों ने बताया कि उनकी धान की फसल से लहलहाती जमीन नदी में लगातार कट रही है। खमरिया आजमपुर निवासी मुकेश शर्मा की सिमरिया में स्थित 20 बीघा जमीन कुछ ही घंटों में नदी में कट गई। सिमरिया के ही श्यामलाल की पांच बीघा जमीन और घासीराम की दो एकड़ जमीन के साथ बड़े-बड़े पेड़ और गन्ने की फसल भी नदी में समा गई।
कटान रोकने में विभाग के इंतजाम अपर्याप्त
पूर्व प्रधान गोरा लोकनाथपुर बाबूराम कश्यप ने बताया कि हर साल कटान से उनकी जमीन कम होती जा रही है, लेकिन सरकार और विभाग केवल सर्वे और कागजी कार्रवाई में सीमित रह जाते हैं। उन्होंने मांग की है कि नदी किनारे पक्के बांध और बचाव कार्य तुरंत शुरू कराए जाएं, वरना आने वाले दिनों में पूरा इलाका खतरे में आ जाएगा।
सुरक्षित जगह जाने की तैयारी में जुटे ग्रामीण
श्यामपुर गांव में स्थिति और भयावह रही। यहां हिताब सिंह का पक्का मकान देखते ही देखते नदी में ढह गया। गांव के लोग डरे हुए हैं कि अगला नंबर उनका न हो जाए। कई घरों में लोग सामान बांधकर सुरक्षित जगह जाने की तैयारी में हैं।
नदी किनारे के सभी मकानाें को खाली करने के आदेश
तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने बताया कि लेखपालों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे के सभी मकानों को तुरंत खाली कराने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। प्रशासन का कहना है कि कटान रोकने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क किया गया है, लेकिन जब तक स्थायी इंतजाम नहीं होते, खतरा टला नहीं है।
बाढ़ चौकियों पर अव्यवस्थाएं, सौंपा ज्ञापनमीरगंज। सपा के नेताओं ने बुधवार को एसडीएम मीरगंज को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ प्रभावित गांवों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि जिन गांवों में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। वहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं है, जिससे लोगों को प्रशासनिक मदद नहीं मिल पा रही है। गंगा किनारे के किसानों की फसल अधिकतर नदी के पार है, ऐसे में नाव की व्यवस्था तत्काल की जाए। कई गांवों में बाढ़ के पानी से फसलें बर्बाद हो गई हैं, इसलिए पशुओं के लिए हरे चारे का इंतजाम और किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की गई। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष सुरेश गंगवार, शिवम सक्सेना, मनोहर सिंह पटेल, सरदार हरभजन सिंह, चंदन कुमार, जयदीप सिंह, रिंकू, राम बहादुर आदि मौजूद रहे। संवाद
रामगंगा नदी से कटान के फोटो
रामगंगा नदी से कटान के फोटो