नवाबगंज/क्योलड़िया। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं, नवाबगंज तहसील के ब्लाॅक भदुपरा में बहने वाली देवहा नदी उफान पर है। इससे गांव की सड़कें और गलियां जलमग्न हो गई हैं। बुधवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर नदी किनारे गांव में पिचिंग कराने के कार्यों का जायजा लिया। हालांकि इस दौरान नौकाओं के अभाव में स्वास्थ्य टीमें इन गांवों में नहीं पहुंच पाई हैं। वहीं, सांसद और विधायक ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर आश्वासन दिया।
डीएम रविन्द्र कुमार और एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह के निरीक्षण के बाद बुधवार को लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की टीमों ने गांव पहुंचकर क्षेत्र का दौरा किया। लोक निर्माण विभाग के अभियंता स्नेहलता श्रीवास्तव, अवर अभियंता प्रदीप वाजपेई, अंकित सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। बाद में ग्रामीणों द्वारा सड़क को कटने से बचाने को लगाई मिट्टी के किनारे बजरफुट से भरे बोरों को लगाने के लिए कहा है। अधिकारियों ने कहा कि नदी की पिचिंग कार्य नदी में पानी घटने के बाद कराने का आश्वासन दिया है।
सुविधाओं का अभाव
सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. मुगीश ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में घिरे गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गठित कर दी गई हैं। यदि तहसील प्रशासन नौकाओं की व्यवस्था करा दें तो टीमें गांव पहुंच जाएंगी। वहीं, तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ क्षेत्र को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। बाढ़ काे देखते हुए ग्रामीणों ने राशन एकत्रित करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे अरसे से बाढ़ को झेलते आ रहे हैं, लेकिन उस दौरान बुजुर्ग व बीमार लोगों को उपचार नहीं मिल पाता। एक सप्ताह के बाद बुधवार को शिक्षकों ने पानी के रास्ते पहुंचकर प्राथमिक स्कूल खोला, लेकिन बिजली ठप रहने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई। अमीरनगर की रामवती, चमेली देवी,रामकली, अनीता, गीता और सुनीता ने बताया कि तीन दिन से रात छतों पर गुजार रहे हैं।
ट्रैक्टर पर सवार होकर गांव पहुंचे सांसद और विधायक
अमीर नगर और गुलड़हाई गांव को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है। उसके तीन दिन बाद सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, विधायक डॉ. एमपी आर्य और ब्लाॅक प्रमुख पति रवि शंकर गंगवार ट्रैक्टर पर सवार होकर पानी के रास्ते गांव पहुंचे। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने अपना दर्द साझा किया तो जनप्रतिनिधियों ने सड़कों को ऊंचा कराने एवं पीचिंग के कार्यों को जल्द कराने का आश्वासन दिया।
बाढ़ग्रस्त गांवों में भोजन पैकेट बांटने के ओदश
बहेड़ी। उत्तराखंड के जलाशयों से छोड़े गए पानी से क्षेत्र में बाढ़ के हालात हो गए हैं। भुड़िया कॉलोनी, मुड़िया नबी बक्स, नारायण नगला, अंबरपुर, लोदीपुर आदि गांव में जलभराव अभी भी जारी है। जलभराव के चलते स्कूली बच्चे घरों में ही रुक गए हैं। वहीं, दूसरी ओर एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बाढ़ प्रभावित गांव का दौरा कर हालत को देखा। हालांकि अनुमान जताया जा रहा है कि बाढ़ का पानी धीरे-धीरे नीचे की ओर निकल रहा है। बहुत जल्द हालात सामान्य हो जाएंगे। एसडीएम ने अपने अधीनस्थों के साथ बाढ़ को लेकर बैठक भी की। कहा कि जिन गांवों में बाढ़ का ज्यादा पानी भरा है। वहां भोजन के पैकेट भिजवाने की व्यवस्था करने के आदेश दिए।
-
बरसात के पानी में डूबे स्कूल
देवरनियां। सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश और डैम से छोड़े गए पानी से दमखोदा ब्लॉक से कई परिषदीय विद्यालय जलमग्न हो गए हैं। दो दिनों के बाद भी हालात समान्य नहीं हुए हैं। वहीं, विद्यालय पहुंचे शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में शरण लेनी पड़ी।
जूनियर हाईस्कूल जोखनपुर के एक तालाब के किनारे स्थित है। यह विद्यालय पानी से घिरा है। तीन दिन के अवकाश के बाद बुधवार सुबह जब शिक्षक और बच्चे विद्यालय पहुंचे तो उन्हें लौटना पड़ा। प्राथमिक विद्यालय चन्द्रपुर चुपकिया में भी यही हालत है। लवेदा विद्यालय का संचालन दूसरे स्कूल में हुआ। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय जोतपुर और मनकापुर में चहारदीवारी गिर गई।
जो पानी में घिरे हुए हैं, उनका संचालन दूसरे विद्यालयों में करने को कहा गया है। स्थिति से अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
- प्रेमसुख गंगवार, बीईओ, दमखोदा ब्लाॅक
गुजरहाई के पास पानी में बही पुलिया
गुजरहाई के पास पानी में बही पुलिया
गुजरहाई के पास पानी में बही पुलिया
गुजरहाई के पास पानी में बही पुलिया
गुजरहाई के पास पानी में बही पुलिया