मीरगंज। नदियों में आई बाढ़ से कई गांवों में अभी भी जलभराव है, जिससे लोग अपने घरों में कैद हैं। वहीं, नदियों का जलस्तर घटा है, लेकिन भूमि पर हो रहे कटान से अभी तक लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। कई गांवों में सर्वे कार्य जारी है, जबकि कुछ गांवों में सर्वे कर बीमार हो रहे लोगों को दवाइयां बांटी गई हैं।
बहगुल नदी का जलस्तर घटने से धर्मपुरा, बैरमनगर आदि गांवों में किसानों की भूमि का तेजी से कटान हो रहा है। लोगों ने जिलाधिकारी से तटबंध लगाने की गुहार लगाई है। बाढ़ का पानी दुनका की बाल्मीकि बस्ती, मोहल्ला टांडा में भर गया है। लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। वहीं, भाखड़ा नदी में आई बाढ़ से मीरगंज से सहोड़ा रोड पूरी तरह बंद है। म्यूडी बुजुर्ग के पास सड़क के ऊपर पानी बह रहा है।
दुनका-बिहारीपुर रोड उखड़ा
दुनका बिहारीपुर रोड पर बाढ़ का पानी बहने से पूरा रोड उखड़ गया है। एक साइड की पटरी पूरी तरह टूटकर पानी में बह गई है। कहीं हादसा न हो, इसके लिए थानाध्यक्ष शाही अमित कुमार बालियान ने पुलिस पिकेट लगाकर वाहनों की आवाजाही बंद करा दी है।
बिहारीपुर के सचिवालय में भरा छह फुट पानी, सर्वे शुरू
बिहारीपुर के ग्रामीणों ने बताया कि बिहारीपुर के पंचायत भवन में छह फुट तक पानी भर गया है। रामगंगा नदी में आई बाढ़ से दिवना, गुलरिया, पहुंचा, ठिरिया, अम्वरपुर, लभेड़ा, गोरा, तातारपुर, कपूरपुर आदि गांवों में पानी भरा हुआ है। उपजिलाधिकारी मीरगंज तृप्ति गुप्ता एवं तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा ने बताया कि सभी गांवों में राजस्व टीमों को भेजकर सर्वे कराया जा रहा है। संवाद
गांव में बढ़ीं बीमारियां, पांच गांवों में दवाइया मुहैया कराई
कई गांवों में बुखार, खांसी, जुकाम, पेचिश आदि के मरीज बढ़े हैं। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. वागीश कुमार शर्मा ने बताया कि गांवों में आशाओं से मरीजों का सर्वे कराया जा रहा है, जबकि सिंधौली, लभेड़ा, बल्लिया, ततारपुर, कपूरपुर में आशाओं के माध्यम से बुखार, खांसी आदि दवाएं मुहैया करा दी गई हैं। अन्य गांवों में भी दवाएं भेजने की तैयारी की जा रही हैं।
गोशाला व बिजली घर के पास पहुंचा नदी का पानी
शाही। बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से कस्बा स्थित गोशाला व बिजली घर के आसपास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को एसडीएम मीरगंज के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष वीरपाल मौर्य और अधिशासी अधिकारी अंकित गंगवार गोशाला पहुंचे। 180 पशुओं को एमआरएफ सेंटर पहुंचाया गया।
पानी भरने से पशुओं के लिए रखा भूसा आदि भीग गया। भूख से पशु पूरे दिन व्याकुल रहे। इस दौरान इनके चारे-पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई। कस्बा के गांधीनगर, पंतनगर, ठाकुरद्वारा आदि के नजदीक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। छोटा बसावनपुर, बसावनपुर, जुन्हाई, हैदरगंज, मकड़ी खोए गांव में बाढ़ के पानी से खेतों में लगी फसलें जलमग्न हैं। किसानों को पशुओं का चारा लाने तक के लिए दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। संवाद
शाही में गोशाला तक पहुंचा बहगुल नदी का जलस्तर। संवाद
शाही में गोशाला तक पहुंचा बहगुल नदी का जलस्तर। संवाद