एमसीबी में हुए फाल्ट को ठीक कराने के लिए कोई तैयार नहीं, डीडीओ बोले- चंदा कर अधिकारी खुद करें व्यवस्था
बरेली। जिले के विकास से जुड़ी योजनाएं बनाने व उन्हें लागू करने वाले विकास भवन के भूतल पर एमसीबी फुंकने से दो दिनों से अंधेरा पसरा है। कार्यालयों के इन्वर्टर भी जवाब दे गए हैं। कंप्यूटर बंद होने से कामकाज ठप हो गया है। फरियादी मायूस लाैट रहे हैं। एमसीबी ठीक कराने पर 25 से 30 हजार रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसे देने के लिए कोई तैयार नहीं है।
बुधवार दोपहर 12.30 बजे समाज कल्याण अधिकारी और दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी कार्यालय के सामने कई फरियादी बिजली आने का इंतजार करते दिखे। दोपहर बाद वे मायूस होकर लौट गए। दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी कार्यालय का तो दोपहर दो बजे तक ताला ही नहीं खुला था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार अपने कार्यालय में माैजूद नहीं थे। डीपीआरओ भी अपने कक्ष में नहीं थे। बिजली न होने से कर्मचारी भी इधर-उधर टहल रहे थे। समस्या से बेफिक्र जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) दिनेश यादव दूसरे तल पर सीडीओ के स्टोनो कक्ष में बैठे मिले। पूछने पर बोले, उन्हें आज ही समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने कॉल करके बिजली न आने की जानकारी दी है।
सुधार कराने की बात पर उन्होंने कहा कि भूतल पर बैठने वाले अधिकारी खुद चंदा लगाकर मरम्मत कराएं। उन्होंने भूतल पर विभागीय अधिकारियों को बैठने के लिए कमरे और हॉल दिए हैं, बाकी इंतजाम उन्हें खुद करने होंगे। डीडीओ ने ये भी कहा कि नई एमसीबी खरीदने पर 25 से 30 हजार रुपये खर्च होंगे।
नहीं हो पा रहे ऑनलाइन काम
विकास भवन के कर्मियों ने बताया कि बिजली गुल होने से कार्यालय का कामकाज प्रभावित है। सूचनाओं का ऑनलाइन अदान-प्रदान नहीं हो पा रहा है। गूगल शीट पर दैनिक डाटा इंट्री का कार्य भी बाधित है। वृद्धावस्था, दिव्यांग पेंशनए पारिवारिक लाभ एवं सामूहिक विवाह योजना का काम भी ठप है। आईजीआरएस शिकायतों का ऑनलाइन निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
देर रात आपूर्ति दुरुस्त करने का दावा विकास भवन में बिजली गुल होने की जानकारी डीएम अविनाश सिंह को दी गई। डीएम ने तुरंत ही डीडीओ को कॉल करके बिजली दुरुस्त कराने कहा। डीडीओ ने देररात बताया कि नई एमसीवी लगवा दी गई है। संवाद