बरेली। विहारमान नगला जमीन मामले में एलायंस बिल्डर्स की मुखौटा कंपनी एसके एसोसिएट्स की रिट को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। बीडीए इस जमीन पर कब्जे को लेकर पैरवी कर रहा था। वर्तमान में यह जमीन बीडीए के कब्जे में है। बीडीए के अवर अभियंता रमन कुमार की ओर से थाना इज्जतनगर में धोखाधड़ी कर दस्तावेजों में हेराफेरी करने और उप्र शहरी नियोजन और विकास अधिनियम की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दर्ज रिपोर्ट में कहा गया था कि विहारमान नगला के राजस्व अभिलेखों में खसरा संख्या 825 की 0.7714 हेक्टेयर सीलिंग सरप्लस जमीन दर्ज है। यह जमीन 16 नवंबर 1990 को बीडीए को हस्तांतरित की गई थी। सीलिंग की इस जमीन के 2/3 भाग को एसके एसोसिएट्स के पार्टनर सर्वेश कुमार को बेच दिया। उस जमीन की कीमत 25.70 लाख थी, लेकिन मात्र तीन लाख 80 हजार 750 रुपये में बेच दी थी। इसके बाद मुखौटा कंपनी एसके एसोसिएट्स ने उस जमीन को अन्य लोगों को बेच दिया था। इनमें एक हनी भाटिया भी है, जो कि एसके एसोसिएट्स के अधिकृत हस्ताक्षरी और एलायंस बिल्डर्स के निदेशक भी है। इस मामले में एसके एसोसिएट्स ने याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि जमीन पर प्राधिकरण का कब्जा है। मामले में बीडीए पैरवी कर रहा था। बीडीए के पक्ष में ही फैसला हुआ है। वर्तमान में जमीन की कीमत 25 करोड़ रुपये है।