बरेली। घरेलू हिंसा से पीड़ित एक महिला परेशान होकर रोती बिलखती दौड़ती हुई आजमनगर से कोतवाली पहुंची और सामने ही खड़े एसएसआई के पैरों में गिरकर इंसाफ मांगने लगी। इस पर उन्होंने हड़काते हुए महिला को खड़े होने को कह दिया। इस बीच वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रतिक्रिया दी तो साहब उन्हें ‘शर्म’ का पाठ पढ़ाने लगे। तुरंत अंदर बैठीं महिला सिपाहियों को बुलाकर महिला को उठावाया और फिर उसकी शिकायत सुनीं।
पुलिस अपने रवैये को लेकर अक्सर बदनामी झेलती है। कभी थाना पुलिस का अभद्र व्यवहार तो कभी कार्रवाई में बेईमानी की शिकायत लेकर पीड़ित अधिकारियों के पास पहुंचते हैं। लेकिन इसके बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदलता। बुधवार को भी घर में मारपीट होने के बाद आजमनगर से नंगे पैर दौड़ती हुई आई एक महिला एसएसआई के पैरों में गिर गई। एसएसआई के पैर पकड़कर वह उसे बचा लेने की दरख्वास्त करने लगे। लेकिन पुलिस का रवैया तो ऐसा ही है, कि साहब ने उसे हड़का दिया। इस पर लोगों ने आपत्ति जताई और फोटो भी खींच लिए तो साहब का पारा और चढ़ गया। अब साहब आपत्ति जताने वालों को शर्म और लिहाज का पाठ पढ़ाने लगे। गहमागहमी के बाद तुरंत महिला सिपाही बुलाकर महिला को अंदर भिजवाया और उसकी शिकायत सुनी।