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रुहेलखंड विवि में विवाद गर्माया: कुलपति ने फिर काम से रोका, कुलसचिव बोले- हम शासन की मानेंगे

Wed, 24 Apr 2024 02:25 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन के आदेश पर काम संभालने वाले कुलसचिव को कुलपति ने मंगलवार को पत्र जारी कर अग्रिम आदेश तक काम करने से रोक दिया। 
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में कुलपति और कुलसचिव के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन के आदेश पर फिर से काम संभालने वाले कुलसचिव को कुलपति ने मंगलवार को पत्र जारी कर अग्रिम आदेश तक काम करने से रोक दिया है। साथ ही सुनीता यादव को कुलसचिव का अतिरिक्त प्रभार देने का पुराना आदेश बरकरार रखा है। वहीं कुलसचिव ने जवाबी पत्र में शासन के निर्देशों का पालन करने की बात कहते हुए काम करने की बात कही है।

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कुलपति ने विगत दिनों शिक्षकों से हुए विवाद के बाद कुलसचिव अजय कृष्ण यादव को प्रशासनिक कार्यों से विरत कर दिया था। साथ ही उप कुलसचिव सुनीता यादव को कुलसचिव पद का अतिरिक्त प्रभार दे दिया था। इस पर बीती 16 तारीख को शासन ने पत्र जारी कर कुलपति के कुलसचिव को हटाने के आदेश को नियम विरुद्ध माना था। साथ ही अजय कृष्ण यादव को दोबारा पदस्थापित करने के लिए कहा था। इसी आदेश पर 18 अप्रैल को अजय कृष्ण यादव ने कक्ष खुलवाकर दोबारा कुलसचिव का प्रभार ले लिया था। 

इधर, अब मंगलवार को कुलपति ने पत्र जारी कर कहा है कि प्रकरण राजभवन भेजा गया है, ताकि दिशा-निर्देश प्राप्त हों। ऐसे में सुनीता यादव पर प्रभार की जिम्मेदारी बरकरार रहेगी और अजय कृष्ण यादव अग्रिम आदेश तक कार्य से विरत रहेंगे। उनके द्वारा जारी पत्र अमान्य होंगे। इसको लेकर कुलसचिव ने भी जवाबी पत्र जारी कर शासन के निर्देशानुसार कार्य करने की बात कही है।

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सुरक्षा प्रभारी की रिपोर्ट पर जारी किया पत्र
शासन के निर्देश के बाद 18 अप्रैल को कुलसचिव अजय कृष्ण यादव अपने कार्यालय पहुंचे थे। वहां चाबी नहीं मिलने पर उन्होंने दूसरी चाबी बनवाई थी। इसके बाद कर्मचारियों के सामने कुलसचिव कक्ष का ताला खुलवाया था। प्रकरण में कुलपति ने सुरक्षा प्रभारी से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद पूरे मामले का जिक्र करते हुए सुरक्षा प्रभारी ने कुलपति को रिपोर्ट सौंपी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कुलपति ने पत्र जारी कर कुलसचिव को राजभवन से दिशा निर्देश न मिलने तक काम से रोका है।
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कब, क्या हुआ
  • 10 अप्रैल- शिक्षकों ने कुलसचिव को बनाया बंधक।
  • 12 अप्रैल- कुलपति ने कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरत किया। उप कुलसचिव को दिया अतिरिक्त प्रभार।
  • 16 अप्रैल- कुलपति के आदेश को शासन स्तर से पत्र जारी कर नियम विरुद्ध बताया गया। साथ ही कुलसचिव को कार्य सौंपने के निर्देश दिए गए।
  • 18 अप्रैल- कुलसचिव ने दोबारा काम संभाला।
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