पितांबरपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात वेंडरों के बीच मामूली विवाद हुआ। यह झगड़ा पथराव में बदल गया, जिससे गंगा-सतलुज एक्सप्रेस के तीन शीशे टूट गए। पेंट्रीकार मैनेजर द्वारा गर्म पानी फेंकने से कुछ लोग झुलस गए।
बरेली के फरीदपुर में पितांबरपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात आठ बजे मामूली बात पर वेंडरों के बीच विवाद हो गया। जमकर लात-घूंसे चले। इसी दौरान कुछ वेंडरों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे गंगा-सतलुज एक्सप्रेस के तीन शीशे टूट गए। खाने-पीने के सामान में भी कांच के टुकड़े गिर गए। डेढ़ घंटे तक सभी यात्री भी दहशत में रहे। कई यात्रियों ने कंट्रोल रूम और रेल मंत्रालय से मामले की शिकायत की तो अफसर हरकत में आए। मौके पर पहुंची जीआरपी ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
विज्ञापन
पितांबरपुर रेलवे स्टेशन पर किसी बात को लेकर वेंडरों के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। गाली-गलौज से शुरू हुआ झगड़ा कुछ देर में हाथापाई तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के सात-आठ लोग मारपीट करने लगे। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। इस दौरान स्टेशन से गुजर रही गंगा-सतलुज एक्सप्रेस के तीन शीशे टूट गए। मामले की जानकारी जीआरपी को दी गई।
तीन लोगों को हिरासत में लिया गया
सुरक्षाकर्मियों के मौके पर पहुंचते ही विवाद कर रहे वेंडर भागने लगे, जिनमें से तीन को पकड़ लिया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की सूचना पर सिपाहियों को मौके पर भेजा गया था। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। ट्रेन के शीशे टूटने की जानकारी मिली है। आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
पेंट्रीकार मैनेजर ने फेंका गर्म पानी
आरोप है कि पितांबरपुर में मारपीट के दौरान पेंट्रीकार मैनेजर ने बचाव में गर्म पानी फेंक दिया, जिससे कुछ लोग झुलस गए। इसके बाद गुस्साए वेंडरों और लोगों ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।