बरेली। हरी सब्जियों के दाम गिरने से किसान व छोटे व्यापारी दोनों परेशान हैं। लौकी और तोरई की कीमत इतनी गिर गई है कि किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है। व्यापारियों को इनका भाड़ा तक निकालना मुश्किल हो रहा है। ये दोनों सब्जियां मात्र चार से पांच रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। आढ़तियों के मुताबिक, बदायूं, कासगंज सहित आसपास के अन्य जिलों से सब्जियों की आवक अधिक होने से ऐसा हुआ है। डेलापीर थोक मंडी के कारोबारियों ने बताया कि जो सब्जियां नहीं बिकतीं, उन्हें पशुपालकों को दे देते हैं। रोकने पर वे खराब होने लगती हैं। संवाद
बारिश के बाद बढ़ सकते हैं दाम
सब्जियों की पैदावार अधिक होने के कारण कीमतों में कमी आई है। अब बारिश शुरू हो चुकी है। जुलाई में सब्जियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। - सलीम खान, आढ़ती, डेलापीर मंडी
मंडी में सब्जियों के दाम बहुत कम मिल रहे हैं। लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। हरी सब्जियां रोकने पर उनके गर्मी में खराब होने का डर रहता है। - वीरपाल, किसान
सब्जियों की थोक कीमत
सब्जियां मई जून
आलू 20 10
टमाटर 16 8
लौकी 15 5
तोरई 30 4
बैंगन 25 10
भिंडी 30 5
हरी मिर्च 30 10
शिमला मिर्च 40 20
खीरा 30 10
अरवी 50 25
करेला 30 12
नोट : सभी सब्जियों के दाम रुपये प्रतिकिलो में डेलीपीर मंडी के अनुसार।