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कोविड वैक्सीनेशन छह की तबीयत बिगड़ी मगर उबरे

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बरेली। कोविड-19 के खिलाफ शनिवार को दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का जोरदार तरीके से शुभारंभ हुआ। निर्धारित आठों केंद्र पर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर लगातार निगरानी करते रहे। टीकाकरण आठ सौ स्वास्थ्यकर्मियों के किया जाना था, मगर इनमें से 516 ही पहुंचे। देर शाम तक इस तरह 64.5 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों के वैक्सीन लगा दी गई। शेष 35.5 फीसदी को टीका लगाने के लिए शासन से निर्देश मिलने का इंतजार है। उधर, शनिवार को जिनके वैक्सीन लगाई गई, उनमें से छह की कुछ देर के लिए हालत बिगड़ी, मगर बाद में वे सामान्य हो गए।
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शहर में दो और देहात क्षेत्र में छह टीकाकरण कें द्र बनाए गए थे। सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देश को संबोधित किए जाने का इन केंद्रों पर लाइव प्रसारण भी हुआ। उसके बाद केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, क्षेत्र के विधायकों समेत कमिश्नर और डीएम ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीकाकरण केंद्रों का उद्घाटन किया। जिला महिला चिकित्सालय पर सबसे पहले सुबह 11.03 बजे स्वास्थ्यकर्मी अजय कनौजिया का टीकाकरण हुआ। इसके बाद क्रमवार 60 महिला और पुरुष स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सीनेशन हुआ। परिसर में कोविड प्रोटोकॉल के तहत सारी व्यवस्था की गई थी। टीकाकरण के लिए पहले स्वास्थ्यकर्मी का वैरीफिकेशन और फिर रजिस्ट्रेशन। इसके बाद टीका लगाया गया। फिर उन्हें चार संदेश देते हुए वैक्सीनेशन कार्ड दिया गया। सभी को 30 मिनट ऑब्जर्वेशन रूम में ठहराने के बाद शरीर की स्थिति देखी गई। सामान्य पाकर उन्हें घर भेज दिया गया। उन्हें हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी दी गई ताकि बाद में कोई दिक्कत महसूस होने पर वे मदद ले सकें। सभी प्रक्रिया के दौरान स्वास्थ्यक र्मी सक्रिय रहे। कहीं किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई।
15 फरवरी को लगेगी वैक्सीन की दूसरी डोज
मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बताया कि शनिवार को टीके की पहली डोज लगवाने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों को 28 दिन बाद 15 फरवरी को दूसरी डोज लगेगी। दूसरा टीका लगने के 14 दिन बाद एंटीबॉडी बनना शुरू होगी, जो वायरस से सुरक्षा प्रदान करेगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पहली डोज कोविशील्ड की दी गई है इसलिए दूसरी डोज भी कोविशील्ड की ही होगी।
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टीकाकरण के बाद भी करें नियमों का पालन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि टीकाकरण के बाद भी लाभार्थियों को मास्क का इस्तेमाल, साबुन से हाथ धोना, हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल, दो गज तक की शारीरिक दूरी, कोविड के लक्षण दिखने पर सेल्फ आइसोलेशन और जांच कराना होगा। अगर बेचैनी या कोई समस्या होती है तो स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम और आशा को इसकी सूचना दें। एंबुलेंस सेवा 108 भी उपलब्ध रहेगी।
अनुपस्थित 284 स्वास्थ्यकर्मियों की बनेगी सूची
कोविड-19 टीकाकरण में 284 पंजीकृत स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण के समय नहीं पहुंच सके। इन सभी अनुपस्थित लोगों की अलग सूची तैयार होगी। इनके बारे में सीएमओ ने बताया कि चयनित स्वास्थ्यकर्मियों में कई पहले कोरोना संक्रमित रहे होंगे, इसलिए वे टीका लगवाने नहीं पहुंचे होंगे। दूसरी वजह यह हो सकती है कि को-विन एप से भेजा गया मेसेज उन्हें न मिला हो। शनिवार को भी पोर्टल में कई केंद्रों पर सर्वर डाउन रहने की शिकायत मिली। अब इन्हें टीकाकरण के लिए अलग से समय दिया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से अगली तिथि घोषित की जाएगी। अफसरों के मुताबिक वैक्सीन की उचित खुराक मिलने पर लाभार्थी को उनके मोबाइल नंबर पर एक क्यूआरकोड आधारित प्रमाण पत्र भी भेजा जाएगा।
बीपी के मरीजों को हुई हल्की दिक्कत
जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी शहजाद परवीन, रंजीता व एक अन्य की हल्की तबियत बिगड़ी। मौजूद चिकित्सक ने बताया कि रंजीता को टीकाकरणा से घबराहट थी। उन्हें उल्टी होने लगी। इसे बॉडी नौजिया कहा जाता है। शहजाद परवीन को बीपी की समस्या थी। उधर, बहेड़ी में तीन स्वास्थ्यकर्मियों में से दो को बीपी था एक को इंजेक्शन लगने से डर था। हालांकि, कुछ ही देर में सब सामान्य हो गए।
टीका लगवाकर स्वास्थ्यकर्मी ने कहा- सब सामान्य
हम स्वास्थ्यकर्मी की जनता के प्रति जिम्मेदारी है और जहां वैक्सीन तैयार की गई है उन साथियों पर हमें पूरा भरोसा है। वैक्सीन लगने के बाद मुझे किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई।- अजय कनौजिया
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कोविड से बचने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी है। वैक्सीन लगने से पहले थोड़ी घबराहट थी मगर अब सब सामान्य है। इसीलिए अपने सभी साथियों को भी वैक्सीनेशन का सुझाव दिया है। - भगवती जोशी
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वैक्सीनेशन होने से पहले घर वालों को डर लग रहा था लेकिन जब मैंने उन्हें समझाया तो उन्होंने भी सहयोग किया। वैक्सीनेशन के बाद मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई, सब सामान्य रहा।- मनोज पाठक
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वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है इसका एहसास मुझे टीका लगवाने से पहले भी था। अब जब टीका लगा और कोई दिक्कत नहीं हुई तो मुझे दृढ़ भरोसा है कि इससे कोरोना को मात देंगे।- उपेंद्र प्रकाश
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- वैक्सीनेशन को लेकर मुझे पहले से ही कोई विरोध नहीं था और लगने के बाद मैं अब खुद को और सुरक्षित महसूस कर रही हूं। टीकाकरण पूरी तरह सुरिक्षत और विश्वसनीय है। - डॉ. रीना
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- कोरोना से बचाव के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदम सकारात्मक रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े सुरक्षित टीकाकरण की पहल भी दूसरे देशों के लिए जरूर मिसाल बनेगी। - डॉ. शिखा सक्सेना
अफसरों ने कहा: सब सुरक्षित, हम सफल हुए
कोविड वैक्सीनेशन के बाद अब तक मिले परिणाम पूरी तरह सुरक्षित हैं। कुछेक लोगों को बॉडी नौजिया की शिकायत थी जो कुछ ही देर में दूर हो गई। सब शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ
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स्वैच्छिक टीकाकरण में करीब 65 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। किन्हीं कारणों के चलते जिनका टीकाकरण नहीं हो सका है उनके लिए शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। - नितीश कुमार, डीएम
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