फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चमोली त्रासदी: आखिरी उम्मीद भी हुई धूमिल, पीड़ित परिवारों में छायी मायूसी, लापता हुए युवक का पिता ने किया पिंडदान

Wed, 24 Feb 2021 11:37 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
चमोली में सुरंग के अंदर मलबा हटाती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चमोली त्रासदी में लापता हुए क्षेत्र के 29 मजदूरों को मृत घोषित करने के फैसले के बाद लापता मजदूरों के परिवारों में कोहराम मच गया है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि अब तो आखिरी उम्मीद भी धूमिल हो चुकी है। 
विज्ञापन


वहीं, कुछ लोगों ने यह भी बताया कि चाहे कुछ हो जाए, वह अपने परिजनों का इंतजार जीवनभर करते रहेंगे। उधर, लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनियां से लापता हुए गौरी शंकर के पिता ने तो लापता बेटे का पिंडदान भी कर दिया है। 

इच्छानगर में 15 और भैरमपुर के आठ मजदूरों के लापता होने से परिवार के लोग काफी परेशान हैं। इच्छानगर से लापता हुए राजू के पिता श्रीकेशन, अवधेश के पिता लालता, भैरमपुर के जितेंद्र के पिता जगमोहन, रंजीत के पिता बरखा गिरि आदि ने बताया कि उत्तराखंड सरकार के फैसला सही है या गलत वह नहीं जानते, लेकिन जब तक उनकी जिंदगी रहेगी वह अपने बच्चों का इंतजार करते रहेंगे। 
विज्ञापन


अर्जुन के पिता जीवन रुआंसे होकर कहते हैं कि उन्होंने किसी का कभी कुछ नहीं बिगाड़ा, फिर भी ईश्वर ने उनको इतनी बड़ी सजा दी कि अपने बेटे का अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके।  

उत्तराखंड सरकार देगी मृत प्रमाण पत्र
सीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि चमोली में लापता हुए लोग जिस कंपनी के तहत काम करने के लिए लगाए गए थे। उस कंपनी के वर्करों की सूची और पूरी जानकारी उनके पास होगी। उसी के आधार पर कंपनी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपेगी। उसके बाद सरकार मृत प्रमाणपत्र जारी करेगी। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहले उत्तराखंड  और बाद में यूपी सरकार सहायता धनराशि देगी। इस प्रक्रिया में दो सप्ताह से अधिक का समय लग सकता है। 

बुधवार को हुई मृतक विमलेश की तेरहवीं

चमोली त्रासदी में जान गंवाने वाले बाबूपुरवा के विमलेश की बुधवार को हुई तेरहवीं में रिश्तेदारों के चेहरे पर उदासी छायी रही। मृतक विमलेश की मां सीता देवी और पिता ने बताया कि जीते जी अपने बेटे की तेरहवीं करनी होगी, यह उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। दोनों को रोता देखकर महेमानों की आंखें भी आंसुओं से भर जाती हैं।

गांव की ही मुन्नी देवी पत्नी कलसू ने कहा कि तपोवन में लापता अर्जुन चार बेटियों में अकेला था। पति की मौत पहले ही हो चुकी है। अब तो उनका सब कुछ लूट गया है। गांव भुलनपुर निवासी नत्थूलाल वर्मा ने बताया की दो पुत्रियों में लापता धर्मेंद्र घर में अकेला चिराग था। अब तो बुढ़ापे में उनका जिंदगी काटना मुश्किल हो गया है।

लापता गौरीशंकर का किया पिंडदान, तेरहवीं गुरुवार को
चमोली गए तीन युवक गौरीशंकर, रामू, शेर सिंह के परिजन अब रो- रोकर थक चुके हैं। उन्होंने अब सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ दिया है। उनका कहना है-अब नहीं लगता है कि उनके अपने कभी उन्हें मिलेंगे। लापता गौरीशंकर के पिता जोगीराम ने अपने पुत्र का पिंडदान देकर दाह संस्कार कर दिया है। मृतक के सारे कर्म 25 फरवरी को होंगे। जोगीराम ने बताया कि वह बेटे की तलाश में उत्तराखंड गए थे।

घटना स्थल के हालात देखकर लगा कि सब कुछ खत्म हो चुका है। 17 दिन बाद घर लौटने पर उन्होंने अपने बेटे का औपचारिक रूप से दाह संस्कार कर दिया। 25 फरवरी को पुत्र गौरी शंकर की तेरहवीं होगी। घर की माली हालत खराब होने के चलते क्षेत्र पंचायत सदस्य कुलदीप शर्मा ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन

मदद का किया वादा

सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने दावा किया कि त्रासदी में मारे गए या लापता लोगों के घर की बहन-बेटियों की शादी में वह हर संभव सहयोग कर, उनके बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाएंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें