इस तरह कराई थी बच्चा चोरी
उत्तम ने बताया कि एक साल पहले शाहजहांपुर के अस्पताल में योगेश उर्फ अमित से मिला था। उसने नवजात की खरीद-फरोख्त का प्रस्ताव दिया था। योगेश ने अपने दोस्त पवन को भी इसमें शामिल किया। इन्हीं दोनों ने मनौना मंदिर से ऋषभ को अगवा किया। उन्होंने बच्चे की तस्वीर उत्तम को भेजी, जिसे वह आगे ग्राहकों को दिखाने वाला था। उत्तम ने बताया कि उसे ऋषभ के लिए कोई ग्राहक नहीं मिला। इसके बाद वह बच्चे को बेचने दिल्ली चला गया। उसने योगेश और पवन को दिल्ली बुलाया था। इसी दौरान पुलिस ने योगेश और पवन को पकड़ लिया।
सीतापुर का झोलाछाप और बरेली की नर्स हिरासत में
आंवला पुलिस के मुताबिक, सीतापुर जिले के उदौली क्षेत्र के झोलाछाप संजय विश्वास व बरेली के एक बड़े अस्पताल की नर्स को हिरासत में ले लिया है। इनका भी उत्तम से जुड़ाव मिला है। इनसे पूछताछ की जा रही है, जल्दी ही बच्चों की खरीद-फरोख्त में शामिल कई और लोग गिरफ्तार किए जा सकते हैं।