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खेतों में बरसा सोना, शहर में गुलाबी ठंड

Sun, 08 Jan 2017 01:04 AM IST
बरेली
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rain
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जाड़े की पहली बरसात ने माहौल खुशनुमा बना दिया। गांवाें में खेताें के लिए बारिश सोना साबित होगी। शहर में इससे मौसम गुलाबी हो गया। अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि अगले दो दिनों तक मौसम साफ होने की उम्मीद कम है। 
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आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने एक सप्ताह पहले ही सात जनवरी को बारिश की संभावना जता दी थी। यह सच साबित हुई। शनिवार सुबह 11 बजे से बारिश शुरू हुई। यह दिन भर जारी रही। रिमझिम फुहार से मौसम भी ठंडा हो गया। गलन की वजह से लोग कांपते दिखे। बारिश 10.8 मिलीमीटर हुई है। अधिकतम तापमान भी छह डिग्री गिरकर 15.5 पर पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस पर है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. जेपी गुुप्ता ने बताया कि अगले दो दिनों तक बरेली का मौसम ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इसके बाद मौसम साफ होगा और तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोत्तरी होगी। 
- गेहूं व दालाें के लिए सिंचाई का पैसा बचा 
बहेड़ी/मीरगंज। बारिश से गेहूं, लाही, मटर, मसूर, गन्ना और रबी की तमाम दीगर को फायदा हुआ है। किसानाें के चेहरे खिल गए हैं, भरपूर बारिश से अब सिंचाई पर पैसा खर्च करना नहीं पड़ेगा। गेहूं के सूखे पडे़ खेतों में पानी भर गया।  लाही और सरसों की माहू जैसी बीमारी भी जड़ से खत्म हो जाएगी। अगेती पिछैती गेहूं को सिंचाई की जरूरत थी। मौसम ऐसा रहा तो पैदावार बढ़ने की संभावना किसान जता रहे हैं। मौसमी सब्जियों को भी इससे नुकसान नहीं है।
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- नैनीताल और मुक्तेश्वर की ओर दौड़े लोग
बहेड़ी। सुबह जैसे ही लोगों को पहाड़ों पर बर्फबारी की सूचना मिली वे नैनीताल और मुक्तेश्वर के लिए दौड़ पड़े। टैक्सी स्टैंड से गाड़ियां बुक कराने का सिलसिला जारी रहा। शाम तीन बजे तक टैक्सी स्टैंड पूरी तरह से खाली दिखाई दिया। बता दें कि बहेड़ी से नैनीताल जाने वाली टैक्सियों की अधिक बुकिंग होती है। 
- शहर में हो गया जलभराव, लोगाें को हुई दिक्कत 
थोड़ी सी बारिश में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। मलूकपुर, बिहारीपुर, जसौली, जगतपुर की गलियों में पानी भरा रहा। आने जाने वालाें को समस्या हुई। शहामतगंज मंडी में कीचड़ हो गया। यहां फ्लाई ओवर का काम भी चल रहा है, जिससे लोग बुरी तरह फंस गए। कीचड़ की वजह से निकलना दूभर रहा। 

- बारिश और हवाओं ने उड़ायी बिजली
पहली बारिश से फसल और किसानों के लिए भले ही खुशखबरी लेकर आयी हो, लेकिन शहरवासियों के लिए आफत बन गई। बूंदाबांदी से सभी उपकेंद्र सुबह ठप हो गए और पारेषण लाइन बैठ गयी। विभागीय लापरवाही से देर रात तक ज्यादातर स्थानों पर ब्लैक आउट बना रहा। चार करोड़ रुपये खर्च कर स्काडा योजना से तैयार नेटवर्क पहली हल्की बारिश नहीं झेल पाया। बारिश से धीरे धीरे सभी 17 उपकेंद्र ठप हो गए। इससे पूरा शहर प्रभावित रहा। एक स्टेशन शुरू होेते ही दूसरा ठप हो जाता है। इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। उपकेंद्र स्टाफ ने बड़े फाल्ट होने की जानकारी चीफ और एएस शहर तक नहीं पहुंचायी गयी। इससे कोई कार्ययोजना नहीं बन पायी। शाम होते ही जब चीफ इंजीनियर फोन बजना शुरू किया तो पता चला कि पूरा शहर बेहाल है। जानकारी मिलने पर चीफ इंजीनियर राजकुमार ने अफसर दौड़ाना शुरू किए। 
यहां रही दिक्कत
राजेंद्रनगर, डीडी पुरम, कोहाड़ापीर, सनसिटी विस्तार और इज्जतनगर उपकेंद्र शुरू करने को अधिशासी अभियंता जेपीएन सिंह, एसडीओ अजय शुक्ला, जेई अखिलेश यादव देर शाम दोहना लाइन फाल्ट दूर कराने दौड़े। रात नौ बजे तक ज्यादातर इलाका सामान्य हो गया। लेकिन सनसिटी विस्तार चालू नहीं हो पाया। शाहदाना, जगतपुर, कैंट, सिविल लाइंस, किला, सीबी गंज, सुभाषनगर, कुतुबखाना, हरुनगला
- पानी की सप्लाई भी ठप हो गई
बिजली गुल होने से सुबह से शाम तक लोग पेयजल के लिए तरसते रहे। बिजली सप्लाई ठप होने से बाजारों में कारोबार भी अस्तव्यस्त रहा। औद्योगिक लाइनें ठप होने से कारखाने आदि में उत्पादन अस्तव्यस्त हो गया। शहरों में जनरेटरों का शोर बढ़ गया।
- आकाशीय बिजली गिरी
सहसवानी टोला स्थित तौसीफ बेग के घर के छत पर लगे लंबे बांस पर आकाशीय बिजली गिर गयी। इससे बांस फट गया और करेंट नीचे घर में आ गया। इससे कंसील लाइटें धड़ाम से नीचे आ गयी। जोर धमाके होने पर परिजन घबरा गए। दीवारों में लगे स्विच बोर्ड भी जल गए।
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