बरेली के चौपुला पुल की मरम्मत में पहले घरेलू गैस सिलिंडर के उपयोग पर सवाल उठे। अमर उजाला की रिपोर्ट के बाद एनएचएआई ने सख्ती दिखाते हुए काम में बदलाव किया। अब गार्डर की वेल्डिंग के लिए व्यावसायिक सिलिंडर और जनरेटर का उपयोग किया जा रहा है।
बरेली में चौपुला पुल की मरम्मत में गार्डर की वेल्डिंग के लिए घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग बंद करके जनरेटर से काम चलाया जा रहा है। इसका असर तब देखने को मिला जब अमर उजाला ने शुक्रवार को इस मामले को प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद यह परिवर्तन देखने को मिला।
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अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में एक माह पहले पैचवर्क, अब एक्सपेंशन ज्वॉइंट की मरम्मत के लिए तोड़ी सड़क शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसमें दर्शाया गया कि चौपुला पुल की मरम्मत में गार्डर की मरम्मत के दौरान घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग किया जा रहा है। एक तरफ से जहां लोगों के घरों में किचन के लिए घरेलू गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं वहीं इस तरह का दुरुपयोग किस हद तक सही है।
यह भी दिखाया गया कि किस प्रकार एक माह पहले सड़क की मरम्मत कराई गई, अब उसके बनने के बाद गार्डर की मरम्मत कराई जा रही है। यह काम एक माह पहले भी हो सकता था। खबर प्रकाशित होने के बाद एनएचएआई के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग बंद करा दिया। अब पुल पर ठेकेदार गार्डर की वेल्डिंग के लिए वेल्डिंग वाले व्यावसायिक सिलिंडर व जनरेटर का उपयोग करते मिले। चौपुला पुल को मरम्मत के लिए 45 दिनों के लिए बीते 12 मई को दिन में 12 बजे से बंद कर दिया गया है। 800 मीटर लंबे पुल की मरम्मत के लिए शासन से एनएचएआई बदायूं डिवीजन को 1.30 करोड़ मिले हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद चौपुला पुल की मरम्मत में लगे घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग बंद कर दिया गया। इसके लिए वेल्डिंग वाले सिलिंडर व जनरेटर मंगा लिए गए हैं। मजदूर अपने खाने के लिए भले ही घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग कर सकते हैं। -उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई बदायूं।