कानपुर कांड के बाद एडीजी अविनाश चंद्र ने जारी किए आदेश
बरेली। कानपुर कांड के बाद बरेली जोन में भी पुलिस हाई अलर्ट पर है। कानपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए महकमे की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। एडीजी ने जोन के दोनों रेंज आफिसर्स और सभी पुलिस कप्तानों को सर्कुलर भेजा है कि पुलिस चेकिंग के तरीकों में तुरंत बदलाव लाया जाए। सड़क पर पुलिस जिसे भी चेक करने के लिए रोके तुरंत उसके हैंड्स अप कराए और साथी पुलिस कर्मी संदिग्ध को तब तक असलहे से कवर किए रहे जब तक जांच - तलाशी पूरी नहीं हो जाए। पुलिस प्रतिष्ठानों और थानों में संतरी और अन्य पुलिस कर्मियों को आकस्मिक हमलों व उनके तुरंत जवाब के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा गया है। कप्तानों से कहा गया है कि थाना स्तर पर ऐसे हमलों से निपटने की कार्ययोजना तैयार कराएं और उनका रिहर्सल कराते रहें।
एडीजी अविनाश चंद्र ने जोन के सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है कि थाने और चौकियों के आसपास के घरों का डाटाबेस तैयार करें। इन मकानों में कौन - कौन रहता है और उनका क्या इतिहास है, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा सके। थाने - चौकियों और पुलिस प्रतिष्ठानों के आसपास की इमारतों में रहने वाले हरेक शख्स के बारे में रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इन इमारतों में रहने वाले किराएदारों का पुलिस सत्यापन करेगी। थाने - चौकी और पुलिस प्रतिष्ठानों के आसपास के मकानों में मकान मालिक को किराएदार रखने या फिर किसी व्यक्ति के आकर ठहरने की सूचना संबंधित थाने को तुरंत देनी होगी। एडीजी का कहना है कि अपराधी अक्सर किराएदार बनकर भी पनाह ले लेते हैं। जोन के चार थानों में संतरी ड्यूटी चेक करने के बाद एडीजी का कहना है कि अकस्मात हुए हमलने से निपटने के लिए थाने पर पुलिस अभी मानसिक रूप से तैयार नजर नहीं आई। जोन में पुलिस कर्मियों को ऐसे हमलों के मद्देनजर तुरंत और कड़े जवाब के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा गया है।
कानपुर की घटना के मद्देनजर हमने थाना स्तर पर पुलिस चौकसी को परखा है। तत्परता में कुछ कमी नजर आई है। संतरी व अन्य पुलिस कर्मी आकस्मिक हमला होने की दशा में रिएक्ट करने के लिए मानसिक रूप से अभी तैयार नहीं हैं। सभी को अलर्ट कर दिया गया है। जोेन के सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि चिन्हित करें कि यदि थाने - चौकी या अन्य पुलिस प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक हमला होता है कि पुलिस कर्मी कहां - कहां मोर्चा संभालेंगे। हमलावरों को तुरंत जवाब देने के लिए कार्ययोजना बनाने और उसका रिहर्सल करते रहने के निर्देश दिए गए हैं। दबिश के दौरान सतर्कता बरतने के साथ ही यह निर्देश दिए गए हैं कि वाहन चेकिंग हैंड्स अप कराए बगैर नहीं की जाए। जितनी देर संदिग्ध व्यक्ति की चेकिंग हो उतने समय एक पुलिस कर्मी उसे हथियार से कवर किए रहे। - अविनाश चंद्र, एडीजी, बरेली जोन।
फर्जी थी विकास की बिजनौर में दिखने की सूचना : एडीजी
बरेली। कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद से फरार विकास दुबे के बिजनौर में देखे जाने के एक सीबीआई उपनिरीक्षक के दावे को पुलिस ने जांच के बाद खारिज कर दिया है। एडीजी जोन अविनाश चंद्र का कहना है कि विकास दुबे के बिजनौर में देखे जाने की बात गलत थी। ऐसा एक भी सुराग नहीं मिला है जिससे उसके बिजनौर या फिर जोन के किसी अन्य जिले में पहुंचने की पुष्टि होती हो। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन चेकिंग जरूर की थी। एडीजी ने कहा कि पहले से ही इस मामले में सभी को हाईअलर्ट पर रखा गया है।