उर्स-ए-रजवी के मौके पर पहले दिन ही हजारों चादरें पेश की गईं। बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूस की शक्ल में पहुंचे। इसमें 2015 चादरें नए साल के मौके पर ठिरिया निजावत खां की ओर से पेश की गई जो सबसे बड़े जुलूस के रूप में दरगाह पर पहुंची।
चादरों का यह जुलूस खिदमते खल्क सोसाइटी की ओर से ठिरिया निजावत खां से निकाला गया। दरगाह के नायब सज्जादा मौलाना अहसन रजा खां ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। जुलूस कैंट होकर शहर के प्रमुख रास्तों से होता हुआ दरगाह पहुंचा। जहां चादरपोशी की रस्म अदा की गई। इस जुलूस में मुख्य रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष राहत अली खां के साथ गौहर अली खां, फहीम खां, रफत खां, अबरार खां, वसीम खां, जाहिद खां, जिलानी खां, नदीम खां, मौलाना मकसूद, मौलाना जाहिद, मौलाना काले खां सहित हजारों लोग शामिल रहे।
मोहनपुर से पैगाम इमाम-ए-हुसैन कमेटी की ओर से 100 चादरों के जुलूस का पैदल काफिला दरगाह पहुंचा और चादरें पेश की। इसे भी नायब सज्जादा अहसन मियां ने रवाना किया। यह जुलुस मुफ्ती अय्यूब के नेतृत्व में निकाला गया। इसमें कमरुज्जमा रजवी, नजर हुसैन, मजहर हुसैन, मोहसिन, अनवर सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। युग परिवर्तन शाखा बरेली की ओर से भी दरगाह पर चादरपोशी की गई। ये भी जुलूस के रूप में दरगाह पर पहुंचे। इसमें संरक्षक जुगल किशोर, जिलाध्यक्ष डा. श्याम बाबू, महासचिव तपन सिंह, डा. अशोक सक्सेना, महेश नाथ अग्रवाल, विकास चंद्रा, फरहान बेग आदि शामिल रहे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक के राष्ट्रीय सचिव कौसर खां वारसी व महानगर राष्ट्रीय कौमी एकता संगठन के अध्यक्ष अफरोज मियां मुल्ला जी नेतृत्व में अलग-अगल चादरों के जुलूस भी दरगाह पर पहुंचे।