बरेली में आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिल-ए-बरेलवी के 106वें उर्स-ए-रजवी का आगाज परचम कुशाई के साथ हुआ। उर्स स्थल इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान के मुख्य द्वार पर पूरा माहौल रुहानी हो गया। हर तरफ आला हजरत के नारे और नात-ओ-मनकबत की सदाएं गूंज उठीं। इसी के साथ उर्स की तकरीर का आगाज हो गया।
इससे पहले परचमी जुलूस आजम नगर से निकाला गया। जुलूस से पहले आजम नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास पर फातिहाख्वानी की गई। लंगर के बाद परचमी जुलूस दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी की कयादत में कुमार टाकीज, इंदिरा मार्केट होते हुए बिहारीपुर के ढाल के रास्ते दरगाह पहुंचा। यहां सलामी देने के बाद जुलूस दरगाह से दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां की कयादत में इस्लामिया मैदान पहुंचा। जुलूस का शहर में जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया।
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उर्स-ए-रजवी
- फोटो : अमर उजाला
जुलूस के उर्स स्थल पहुंचने पर दरगाह प्रमुख के साथ सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां, सैयद आसिफ मियां ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। इस दौरान देश दुनिया के तमाम उलमा मौजूद रहे। इसके बाद उर्स कार्यक्रम का सिलसिला शुरू हो गया। इसमें मिलाद की महफिल सजी। इसके बाद मुशायरा आयोजित किया गया, जो देर रात तक जारी रहा।
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उर्स-ए-रजवी 2024
- फोटो : अमर उजाला
उर्स पर हुआ नातिया मुशायरा
बरेली। आरएसी ने उर्स-ए-आला हजरत पर मस्जिद बीबी जी में नातिया मुशायरा कराया। इसके साथ ही तीन दिन चलने वाले लंगर-ए-आम, मेडिकल कैम्प, टेंपो सेवा कैंप जैसी सेवाओं को शुरू किया गया। मौलाना अदनान ने बताया कि मलूकपुर अजहरी मस्जिद के पास मुफ्त मेडिकल सेवा कैंप की शुरुआत की गई है।
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उर्स-ए-रजवी का आगाज
- फोटो : वीडियो ग्रैब
उलमा और जायरीन ने किया काजी-ए-हिन्दुस्तान का दीदार
मथुरापुर स्थित मदरसा जमीयतुर्रजा परिसर में परचम कुशाई के साथ तीन दिनी उर्स-ए-रजवी का का आगाज हो गया है। इस दौरान देश-विदेश से आए उलमा और जायरीन ने काजी-ए-हिन्दुस्तान असजद मियां का दीदार किया।
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उर्स ए रजवी 2024
- फोटो : अमर उजाला
आज ताजुश्शरिया का कुल
मथुरापुर मदरसे में शुक्रवार को फजर की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी और शाम 7:14 बजे ताजुश्शरिया का कुल होगा। इसके बाद रात 1:40 बजे मुफ्ती-ए-आजम का कुल शरीफ होगा। वहीं 31 अगस्त को कुरआन खव़ानी नातों मनकबत व उलमा ए किराम की तकरीर होगी।
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उर्स ए रजवी में अकीदतमंद
- फोटो : अमर उजाला
...आला हजरत है लकब मेरे उसी गमख्वार का
उर्स-ए-रजवी में परचम कुशाई व हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ के बाद अंतरराष्ट्रीय नातिया मुशायरा उर्स स्थल इस्लामिया कॉलेज मैदान पर हुआ। इसमें पैगंबरे इस्लाम से लेकर आला हजरत तक की शान में कलाम पेश किए गए। मुशायरे का आगाज तिलावत-ए-कुरान से कारी जईम रजा ने किया। मुफ्ती जईम रजा मंजरी ने पढ़ा- आला हजरत सुन्नियत की है सनद इस दौर में, दूसरा कोई मिले तो लाओ इस मयार का।
वहीं बिहार के मौलाना फुरकान फैजी ने पढ़ा- रहनुमाई सुन्नियों की जिस ने की हर मोड़ पर, आला हजरत है लकब उसी गमख्वार का। इसी तरह मुफ्ती अनवर अली रजवी, असरार नसीमी, मुफ्ती मोइन खान बरकाती, नेपाल के मौलाना फूल मोहम्मद नेमत रजवी, डॉ. अम्न बरेलवी, डॉ. अदनान काशिफ, हाफिज शाहिद रजा फर्रुखाबादी, रईस अहमद रईस के देर रात कलाम पेश किया। विदेशी शायरों का आना बाकी रहा।