अधिकारियों के समझाने के बाद भी कांवड़िये फिर से डीजे के साथ होली चौक पर पहुंच गए। सूचना पर विहिप, बजरंग दल के साथ हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए। हालात बिगड़ते देख मौके पर और फोर्स को बुला लिया गया। देर रात तक गतिरोध जारी रहा। रात करीब 2:30 बजे कांवड़ियों के जत्थे को निकालकर गांव की सीमा से बाहर पहुंचाया गया।
एहतियातन बंद कराईं दुकानें
माहौल तनावपूर्ण होने पर पुलिस-प्रशासन ने कांवड़ रूट की सभी दुकानों को एहतियातन बंद करा दिया। नीचे चल रही तनातनी के बीच काफी संख्या में लोग अपने घरों की छतों पर भी खड़े हो गए। पुलिस ने इन लोगों को भी छतों से उतारा।
खुराफातियों ने की माहौल खराब करने की कोशिश
कांवड़ियों का जत्था गांव के एक खुराफाती के कहने पर रोका गया। गांव वालों ने बताया कि राजनीति से जुड़ा हुआ यह व्यक्ति पहले भी गांव का माहौल खराब करने की कोशिश करता रहा है। कांवड़ियों का कहना था कि हर वर्ष इसी रूट से वह कांवड़ लेकर जाते हैं। ऐसे में यह नई परंपरा नहीं है।