पुलिस ने खदेड़ा, अन्य केंद्रों में भी लौटाए गए अभ्यर्थी
बरेली। उत्तर प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा में रविवार को शहर के कई केंद्रों में हंगामा हो गया। तिलक इंटर कॉलेज में निर्धारित समय से 10 मिनट लेट पहुंचे अभ्यर्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया तो वह भड़क गए। उन्होंने हंगामा कर धरना देना शुरू कर दिया। केंद्र व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पुलिस की मौजूदगी में गेट तोड़ने की कोशिश की तो उन्हें खदेड़ दिया गया।
एसएससी की हायर सेकेंडरी स्तरीय परीक्षा रविवार को जिले के 26 केंद्रों पर दो पालियों में थी। सुबह 10 से 12 और अपराह्न दो से चार बजे तक परीक्षा का आयोजन किया गया। दोनों ही पालियों में आयोग के निर्देश के मुताबिक आधा घंटा पहले अभ्यर्थियों को केंद्र पर पहुंचना जरूरी था। उसके बाद गेट बंद करने के निर्देश दिए गए थे इसलिए सुबह साढ़े नौ बजे से सारे केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को जब अंदर नहीं जाने दिया गया तो वह हंगामा करने लगे। तिलक इंटर कॉलेज के अलावा और भी कई केंद्रों पर यही स्थिति बनी। रिठौरा के दरबारी लाल शर्मा इंटर कालेज में भी बहुत सारे अभ्यर्थियों को लेट होने की वजह से परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं मिला। यहां कई अभ्यर्थी पुलिस से भी प्रवेश दिलाने की गुहार लगाते रहे फिर भी कुछ नहीं हुआ। एसवी इंटर कॉलेज के केंद्र पर भी कई अभ्यर्थियों को लौटना पड़ा।
इंसेट...
ऐसे नियमों से क्या फायदा
एसएससी की परीक्षा देने के लखनऊ, गाजियाबाद और मेरठ तक से अभ्यर्थी आए थे। उनका कहना था कि इतनी दूर से आने में अगर पांच-दस मिनट भी लेट हो गए तो उनकी परेशानी समझनी चाहिए थी। विकास, सुखदेव, मनींद्र सिंह, वर्षा रानी आदि के अनुसार एसएससी की परीक्षा जैसा नियम किसी दूसरी परीक्षा में नहीं है। इसमें आयोग ने परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले तक किसी को प्रवेश न देने का नियम बना रखा है, जबकि दूसरी परीक्षा में परीक्षा शुरू होने तक आने का प्रावधान है। एसवी इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक डॉ. संदीप इंदवार ने बताया कि आयोग के निर्देश हैं इसलिए पालन करना जरूरी है।
60 फीसदी ने छोड़ी परीक्षा
एसएससी की परीक्षा में 60 फीसदी अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। सभी 26 केंद्रों पर 16 हजार अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था लेकिन उपस्थिति 40 फीसदी ही रही। तिलक इंटर कॉलेज में 432 में से 181 अभ्यर्थी शामिल हुए। एसवी इंटर कॉलेज में 432 में से 188 ने ही परीक्षा दी।
कोट...
विलंब से आए परीक्षार्थियों को बहुत समझाया लेकिन नहीं माने और हंगामा करने लगे। वह गेट तोड़ने पर आमादा थे। मुझे भी देख लेने की धमकी दी गई। मजबूरी में अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी।
-डॉ. हरिओम मिश्र, प्रिंसिपल तिलक इंटर कॉलेज