बरेली। डोप टेस्ट में फेल होने पर नाडा (नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी) की ओर से प्रतिबंधित किए गए एथलीट पुनीत का स्टेडियम में प्रवेश रोक दिया गया है। इसको लेकर पुनीत के समर्थन में पहुंचे कई एथलीट ने बृहस्पतिवार को स्टेडियम में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी खिलाड़ियों की बहस हुई।पुलिस ने समझाकर सभी को शांत किया।
राष्ट्रीय स्तर की ओपन क्रॉस कंट्री रेस में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद हुए पुनीत के डोप टेस्ट में प्रतिबंधित दवा की पुष्टि हुई थी। इसके बाद नाडा और एनआईआई स्पोर्ट्स ने उन पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था।
जिला एथलेटिक संघ लगातार यह मांग कर रहा था कि डोप मामले में घिरे खिलाड़ी को स्टेडियम परिसर से दूर रखा जाए। संघ का यह भी आरोप था कि पुनीत नियमों को ताक पर रखकर स्टेडियम में जूनियर खिलाड़ियों से पैसे वसूलकर उन्हें अवैध रूप से प्रशिक्षण दे रहे थे। नियमों के अनुसार स्टेडियम में केवल वही व्यक्ति कोचिंग दे सकता है जिसे विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से चयनित किया गया हो।
डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर अनिता नागर ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से पुनीत को लगातार समझाया जा रहा था कि वह स्टेडियम में प्रवेश न करें, लेकिन वह लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह भी उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई थी, बावजूद इसके वह शाम को फिर से स्टेडियम पहुंच गए। जब अधिकारियों ने उन्हें रोका तो वह भड़क गए और अधिकारियों के साथ बहस करने लगे।
हंगामे की सूचना मिलने पर जिला एथलेटिक संघ के सचिव गजेंद्र तोमर भी मौके पर पहुंचे और पुनीत से स्पष्टीकरण मांगा। शुरुआती टालमटोल के बाद पुनीत ने नाडा की ओर से प्रतिबंधित किए जाने की बात स्वीकार तो की, लेकिन यह कहकर अड़े रहे कि अभी मामले में अंतिम निर्णय आना बाकी है।
इस पर संघ सचिव ने स्पष्ट किया कि नाडा के प्रतिबंध के खिलाफ अपील करने का निर्धारित समय भी निकल चुका है। कोई अपील नहीं की गई है, इसलिए वह पूरी तरह प्रतिबंधित खिलाड़ी हैं।
वर्जन
स्टेडियम में केवल विभाग की ओर से चयनित खिलाड़ी ही अभ्यास करा सकता है। पुनीत को नाडा ने प्रतिबंधित किया है, ऐसे में से उनके स्टेडियम में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। - शीला भट्टाचार्य, क्रीड़ा सचिव