जमीन पर राज्य सरकार के स्वामित्व और कब्जे की प्रक्रिया शुरू
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जमीन से जुड़े विवाद निपटाने को नोडल अधिकारी भी नियुक्त
बरेली। करीब 19 वर्षों से बंद पड़ी रबर फैक्टरी की जमीन पर इंडस्ट्रियल हब बनाने की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है। इस क्रम में फैक्टरी की जमीन को कानूनी तौर पर राज्य सरकार के स्वामित्व में लेने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को सौंप दी गई है। इसी के साथ यूपीसीडा के विशेष सचिव को जमीन से जुड़े सभी विवाद निस्तारित करने के लिए शासन ने नोडल अफसर भी नामित कर दिया है।
रबर फैक्टरी 1999 में बंद हो गई थी। हाल के कुछ सालों में रबर फैक्टरी की जमीन पर कभी उद्योग लगाने तो कभी दूसरी बड़ी परियोजनाएं लाने की कवायद हुई लेकिन कागज इधर से उधर दौड़ने से ज्यादा कुछ नहीं हो पाया। 2017 में केंद्र और राज्य में दोनों जगह भाजपा सरकार बनने पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस मामले में नए सिरे से पत्राचार शुरू किया। निजी क्षेत्र के प्रमुख निवेशकों की ओर से भी इसके लिए प्रयास किए गए। अब इस दिशा में कामयाबी मिलती दिखाई दे रही है। शासन रबर फैक्टरी की जमीन पर इंडस्ट्रियल हब बनाने पर सहमत हो गया है। इसके लिए शासन से फिलहाल कागजों में जमीन को राज्य सरकार के नाम दर्ज कराने के साथ उस पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। अवस्थापना और औद्योगिक विकास विभाग में विशेष सचिव आईएएस अधिकारी डॉ. मुथुकुमार सामी बी. को नोडल अफसर नियुक्त कर दिया गया है।