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UP News: 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाला आरोपी नागपुर से गिरफ्तार, यूपी एसटीएफ ने दबोचा

Thu, 11 Jul 2024 03:35 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में कंपनी का दफ्तर खोलकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी ज्ञानेश पाठक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी एसटीएफ ने उसे नागपुर से दबोचा है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 
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आरोपी ज्ञानेश पाठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के किला व कोतवाली क्षेत्र में दफ्तर खोलकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी प्रयागराज निवासी ज्ञानेश पाठक को एसटीएफ ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। टीम उसे रात में किला थाने में दाखिल करेगी। यहां से उसे बृहस्पतिवार को जेल भेजा जाएगा।

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किला थाना क्षेत्र के सिटी स्टेशन रोड पर आकाश फ्लोर्स में जेकेवी कंपनी का दफ्तर था। कंपनी के डायरेक्टर और कर्मचारी शहर के लोगों को निवेश करने पर कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देते थे। कंपनी के कर्मचारियों ने शहरवासियों से करोड़ों रुपये निवेश करवाए और दफ्तर बंद कर फरार हो
गए।

तहसील नवाबगंज के गांव लाड़पुर उस्मानपुर निवासी अनीस ने किला थाने में कंपनी के डायरेक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ वर्ष 2022 में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें डायरेक्टर प्रयागराज निवासी ज्ञानेश पाठक भी नामजद है। ज्ञानेश के खिलाफ कई अन्य मुकदमे भी किला थाने में दर्ज कराए गए थे, जिनमें वह फरार चल रहा था। 

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25 हजार रुपये का घोषित था इनाम 
पांच जुलाई को बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने ज्ञानेश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रयागराज एसटीएफ ने नागपुर के हुडकेश्वर थाना क्षेत्र स्थित साईं मंदिर के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। वहां न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर ज्ञानेश को टीम बरेली ला रही है।

कंपनी की सौ से अधिक शाखाएं खोलकर एक अरब ठगे
प्रयागराज कमिश्नरेट के काफ ग्रांट टोला रानी मंडी निवासी ज्ञानेश ने वर्ष 2012 में आठ साथियों के साथ मिलकर जेकेवी रियल एस्टेट डेवलपर लिमिटेड और जेकेवी मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड कंपनियों का पंजीकरण कराया था। दोनों का मुख्य दफ्तर लखनऊ में बनाया था। यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में कंपनी के सौ से अधिक दफ्तर खोलकर लोगों से सौ करोड़ रुपये से अधिक जमा कराकर ज्ञानेश व उसके अन्य साथी फरार हो गए।

कुल 39 मुकदमे, कोतवाली और किला में ही 10
ज्ञानेश के खिलाफ विभिन्न राज्यों के कई जिलों में 39 मुकदमे दर्ज हैं। बरेली में उस पर धोखाधड़ी के 10 मुकदमे दर्ज कराए गए। इसमें पांच कोतवाली और पांच मुकदमे किला थाने में दर्ज हैं। ज्ञानेश के खिलाफ हाथरस, बाराबंकी, सिद्धार्थनगर, अमरोहा, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, एटा, आगरा, मुरादाबाद, बस्ती, संभल आदि जिलों में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून में भी मुकदमे दर्ज हैं। उत्तराखंड में ज्ञानेश पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।
 
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यूपी एसटीएफ के एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि ज्ञानेश पाठक पर बरेली व उत्तराखंड समेत कई जगह धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वह कंपनियां खोलकर लोगों से निवेश कराता था और फरार हो जाता था। फिलहाल, उसे बरेली के किला थाने में दाखिल किया जाएगा। जरूरत के हिसाब से पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ करेगी। 
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