25 हजार रुपये का घोषित था इनाम
पांच जुलाई को बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने ज्ञानेश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रयागराज एसटीएफ ने नागपुर के हुडकेश्वर थाना क्षेत्र स्थित साईं मंदिर के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। वहां न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर ज्ञानेश को टीम बरेली ला रही है।
कंपनी की सौ से अधिक शाखाएं खोलकर एक अरब ठगे
प्रयागराज कमिश्नरेट के काफ ग्रांट टोला रानी मंडी निवासी ज्ञानेश ने वर्ष 2012 में आठ साथियों के साथ मिलकर जेकेवी रियल एस्टेट डेवलपर लिमिटेड और जेकेवी मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड कंपनियों का पंजीकरण कराया था। दोनों का मुख्य दफ्तर लखनऊ में बनाया था। यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में कंपनी के सौ से अधिक दफ्तर खोलकर लोगों से सौ करोड़ रुपये से अधिक जमा कराकर ज्ञानेश व उसके अन्य साथी फरार हो गए।
यूपी एसटीएफ के एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि ज्ञानेश पाठक पर बरेली व उत्तराखंड समेत कई जगह धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वह कंपनियां खोलकर लोगों से निवेश कराता था और फरार हो जाता था। फिलहाल, उसे बरेली के किला थाने में दाखिल किया जाएगा। जरूरत के हिसाब से पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ करेगी।