बरेली। मंगनी या शादी में लड़के को सोने की अंगूठी पहनाना नाजायज है। क्यों कि मर्द को जेवर पहनना ही इस्लाम में हराम माना गया है। इस मामले में बिहारीपुर स्थित दारुल उलूम मजहरे इस्लाम ने फतवा जारी किया है।
आम तौर पर शादी ब्याह मंगनी आदि में लड़की वाले दूल्हे को सोने अंगूठी पहनाते हैं। जब कि मर्द को सोना चांदी पहनना मना है। इस पर हाफिज जुबैर रजा खालिदी व पम्मी खां वारसी की ओर से दारुल उलूम मजहरे इस्लाम में सवाल डाला गया था।
सवाल: शादी और मंगनी में दूल्हे को सोने की अंगूठी पहनाना जायज है या नाजायज? इसका जवाब कुरान और हदीस की रोशनी में मांगा गया।
जवाब: मर्द को शादी ब्याह मंगनी वगैरह (आदि) में सोने की अंगूठी पहनाना नाजायज व हराम है। क्योंकि इस्लाम में मर्द को सोने चांदी के जेवर पहनना सख्त नाजायज-ओ-हराम करार दिया गया है। सिर्फ चार माशा या उससे कम वजन चांदी की अंगूठी ही जायज है, इसके अलावा नहीं। आज कल हमारे समाज में मुसलमानों के दरमियान (बीच) शादी या मंगनी के मौके पर तोहफे में मर्द को सोने की अंगूठी पहनाने की जो रस्म है यह रस्म नाजायज है। हम आप को चाहिए ऐसी बुरी रस्मों से बचें।
यह फतवा मस्जिद बीबी जी स्थित दारुल उलूम मजहरे इस्लाम के प्रधानाचार्य मुफ्ती सगीर अहमद बरकाती ने दिया है।