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यूपीः बीएड में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के निर्देश, बढ़ेंगी 21 हजार सीटें

Sun, 14 Jul 2019 10:33 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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बीएड - फोटो : amar ujala
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बीएड में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के लिए शासन से निर्देश मिल गए हैं। मगर सोमवार 15 जुलाई प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि है, जिसके चलते रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शासन को पत्र लिखकर प्रवेश प्रक्रिया की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। यह आदेश लागू होने के बाद बीएड में गरीब सवर्णों के लिए करीब 21 हजार सीटें बढ़ जाएंगी। बीएड के साथ ही यह आदेश एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन) से संचालित अन्य पाठ्यक्रम बीपीएड, बीएलएड, एमएड आदि पर भी लागू होगा।

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इस बार बीएड की राज्यस्तरीय प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी, जिसमें पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। करीब सवा दो लाख सीटों में अब तक करीब दो लाख 15 हजार सीटें भरी जा चुकी हैं। मगर अब तक बीएड में गरीब सवर्णों को आरक्षण लागू नहीं किया जा सका था। शनिवार को एनसीटीई के अंतर्गत संचालित बीएड, एमएड, बीपीएड, बीएलएड आदि कोर्स में भी इसे लागू करने की मंजूरी मिल गई है।

अब विश्वविद्यालय प्रशासन इन पाठ्यक्रम में भी गरीब सवर्णों का आरक्षण लागू करने की तैयारी कर रहा है। बीएड प्रवेश परीक्षा के राज्य समन्वयक प्रो. बीआर कुकरेती ने बताया कि सोमवार को एडमिशन प्रक्रिया का अंतिम दिन है, जिसके चलते शासन से तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है ताकि गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण लागू कर एडमिशन किए जा सकें।
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एनसीटीई ने ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत एडमिशन के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इससे बीएड में 20 हजार से अधिक सीटें बढ़ जाएंगी। सोमवार को इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति

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