माध्यमिक शिक्षा परिषद का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिजल्ट रविवार को घोषित हो रहा है। परीक्षा में हुई सख्ती को देखते हुए इतना तो तय है कि इस बार रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं रहने वाला। रिजल्ट का इंतजार कर रहे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 105773 विद्यार्थियों की धड़कन बढ़ गई हैं। कुछ का आलम यह है कि उनको मनोचिकित्सक के पास जाना पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह की बात करें तो ऐेसे छात्रों की संख्या छह गुना बढ़ गई है। इनमें घबराहट और डिप्रेशन का स्तर काफी बढ़ गया है। रिजल्ट रविवार को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आएगा।
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष सिंह का कहना है कि यूपी बोर्ड के आसपास ही जेईई मेंस का रिजल्ट भी घोषित होना है। छात्रों में रिजल्ट को लेकर घबराहट बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले प्रतिदिन इस तरह के औसतन पांच केस आते थे। अब संख्या बढ़कर तीस हो गई है। इनमें घबराहट और डिप्रेशन का स्तर काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि रिजल्ट जैसा भी आए, अभिभावकों और छात्रों को उसे स्वीकार करना चाहिए। अगर फेल होते हैं या कम अंक आते हैं तो उससे उबरने की कोशिश करें। अगले साल और बेहतर करने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर बच्चे का रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक न आए तो उसकी तुलना किसी अन्य से न करें। डांटे तो बिल्कुल ही नहीं।
मनोवैज्ञानिक डॉ. सुविधा शर्मा का कहना है कि निराश बिल्कुल न हों। अपनी खामियां देखें और उनको दूर करें। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चे से खुलकर बात करें और बार-बार रिजल्ट का जिक्र न करें। बच्चे को प्रोत्साहित करें। उसे अकेला न छोड़ें। राजकीय इंटर कॉलेज के उप-प्रधानाचार्य डॉ. अवनीश यादव कहते हैं कि पास-फेल होना जिंदगी का हिस्सा हैं, इसलिए इसे सहजता से लें।
परीक्षार्थियों के आंकड़े
हाईस्कूल
लड़के : 36111
लड़कियां :23044
परीक्षा छोड़ी : करीब 12000
इंटरमीडिएट :
लड़के : 19198
लड़कियां : 27420
परीक्षा छोड़ी : करीब 6000
कुल : 105773