कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सिर्फ घोषणाएं करती हैं, काम नहीं करती। कई ऐसे घोषणाएं कीं, लेकिन उस पर काम नहीं हुआ। बरेली में 300 बेड का अस्पताल बना, उसमें डॉक्टर तक नियुक्त नहीं कर पाए। आज की बातचीत यहीं पर आज खत्म हुई। कल यानी सोमवार को चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बदायूं पहुंचेगा।
वहीं विपक्ष ने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर कोई प्लानिंग नहीं है। जब चाहें जहां चाहें खोद के रख देते हैं, छह-छह महीने साल भर तक खुदा पड़ा रहता है। स्मार्ट ही करना है तो पहले प्लानिंग हो, सड़कें चौड़ी करनी हैं तो पहले प्लानिंग हो।
बीजेपी सब पूछा गया कि आप इस बार किस मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। आपकी ताकत क्या है, योगी जी का चेहरा या फिर काम। जवाब में बीजेपी ने कहा कि बरेली को स्मार्ट सिटी के श्रेणी में लाया गया है। सड़कें बनाई गई हैं। दो तीन महीने में हर गली हर सड़क को अच्छे ढंग से बना देंगे।
एक सीनियर एथलीट ने कहा कि कोच की कमी है उन्हें भेजा जाए। बच्चों को जॉब भी मिलना चाहिए क्योंकि रोजगार न होने से बहुत परेशानी होती है। खेल सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसी के साथ ही सत्ता संग्राम का युवाओं से चर्चा का सफर यहीं खत्म हुआ अब कुछ देर में आप राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा सुन सकेंगे। इसके लिए पढ़ते रहें अमर उजाला।
अमर उजाला का चुनावी रथ अब युवाओं के बीच पहुंच चुका है। बरेली के स्पोर्ट्स स्टेडियम में मौजूद युवा और छोटे बच्चे अमर उजाला से बात कर रहे हैं।
एक युवा महिला ने कहा कि बरेली में शिक्षा और रोजगार बहुत जरूरी है। अधिकतर महिलाओं ने इसी तरह कहा कि शिक्षा और रोजगार का प्रसार हो तो फिर बरेली में कोई कमी नहीं है, हमारी सरकार हमारे लिए बहुत कुछ कर रही है। इसी के साथ आधी आबादी से चर्चा यहीं खत्म हुई।
कुछ महिलाओं ने सफाईकर्मियों को कूड़ा ठीक से न उठाने के लिए दोषी ठहराया तो एक अन्य महिला ने कहा कि इसके लिए हम खुद भी जिम्मेदार हैं। एक महिला ने बताया कि लोगों की सुरक्षा का इंतजाम और रोजगार हो जाए तो बरेली बहुत अच्छा हो जाएगा। एक महिला ने बताया कि सरकार कई योजना चला रही है जैसे वह हलवाई, सुनार, मोची आदि की निशुल्क ट्रेनिंग दे रही है। 1500 रुपये और किट भी दे रही है रोजगार शुरू करने के लिए। वहीं एक महिला ने कहा कि डिजिटल हो गया है सबकुछ, बस शिक्षा की जरूरत है।
एक छात्रा ने कहा कि मुझे बरेली में अनसेफ लगता है। एक महिला ने कहा कि समस्या ये है कि काम तो बहुत हो रहा है लेकिन वो ठीक से नहीं हो रहा। जैसे सड़कें बनती हैं लेकिन कुछ दिन में गड्ढा हो जाता है तो सरकार को इस पर ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह का काम न हो जब पैसे खर्च हो रहे हैं। एक अन्य महिला ने कहा कि महिलाओं के लिए कुछ ऐसा काम हो जो घर से हो जाए। या बाहर भी हो तो आसानी से हो जाए।
एक अन्य महिला ने कहा कि पहले एंटी रोमियो स्क्वायड एक्टिव रहता था लेकिन अब उतना सक्रिय नहीं है। हमें जरूर आत्मरक्षा का गुर सीखना चाहिए लेकिन पुलिस को भी सक्रिय रहना चाहिए। जब महिलाओं से पूछा गया कि क्या वर्तमान सरकार अच्छा काम कर रही है तो अधिकतर महिलाओं ने हां में जवाब दिया। एक महिला ने कहा कि महिलाओं के लिए जो योजनाएं चल रही हैं उनके बारे में जागरूक किया जाए।
अमर उजाला का चुनावी रथ अब बरेली के जनकपुरी पार्क पहुंच चुका है जहां वो आधी आबादी से मुखातिब है। एक महिला से जब पूछा गया कि आपके लिए क्या मुद्दा अहम है। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार को कुछ ऐसा अभियान चलाना चाहिए जिससे महिलाएं आत्मरक्षा का गुर सीखें। महिलाओं को सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर होना जरूरी है। एक महिला ने पीलीभीत के एक महिला सिपाही के साथ हुए दुर्व्यवहार का उल्लेख किया और महिला पुलिस पर डाले गए प्रेशर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एंटी रोमियो से भी कोई फायदा नहीं है।
इस तरह अगर देखा जाए तो बरेली पहले के मुकाबले जनता की राय में बेहतर हुई है। सड़कें जरूर बेहतर हुई हैं लेकिन व्यापारियों को कुछ परेशानियां हैं और रोजगार की समस्या भी है। चाय पर चर्चा के बाद अब लोगों की राय के बाद अब महिलाओं से चर्चा के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ उनके बीच पहुंचेगा।
अमर उजाला का चुनावी रथ आज बरेली पहुंच चुका है। यहां गांधी उद्यान के बाहर टी स्टॉल पर चाय की चर्चा शुरू हो चुकी है। यहां लोग अपना मत रख रहे हैं जहां वह वर्तमान सरकार के काम से काफी हद तक खुश हैं।
चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। महिलाओं-युवाओं से संवाद होगा और राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच देगा, जहां आप बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
'सत्ता का संग्राम' से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की भी व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे?
विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर नाथ नगरी और आला हजरत के आस्था का केंद्र माने जाने वाले बरेली का मिजाज क्या है? इस बार यहां के लोगों के लिए चुनाव में क्या मुद्दे होंगे? धर्म, जाति या मजहब के नाम पर वोट पड़ेंगे या विकास की बात होगी? उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में बरेली कितना बदल पाया है? महिला सुरक्षा, रोजगार के मुद्दों पर यहां के लोग क्या कहते हैं? इन सभी सवालों के जवाब के लिए आज 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बरेली पहुंचेगा।
आपके पास 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ने का अच्छा मौका है। यह आपका अपना मंच है, जहां से आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दों को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप वोट करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
कहां और कितने बजे होंगे कार्यक्रम?
1. सुबह 8 बजे
चाय पर चर्चा
स्थान : गांधी उद्यान के बाहर टी स्टॉल पर
2. दोपहर 12 बजे
आधी आबादी से बात
स्थान : जनकपुरी पार्क
3. दोपहर 02 बजे
युवाओं से बात
स्थान: स्पोर्ट्स स्टेडियम
4. शाम 04 बजे
राजनीतिक दलों से चर्चा
स्थान : क्रिएथिक्स पब्लिक स्कूल, संजयनगर