बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए नया सॉफ्टवेयर संचालित किया जाएगा। इसके माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन समाधान मिलेगा। विद्यार्थियों को माइग्रेशन, प्रोविजनल डिग्री, सत्यापन के लिए विवि के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसे अगले सप्ताह लांच किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध 587 कॉलेज बरेली के अतिरिक्त बिजनौर, शाहजहांपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, पीलीभीत, रामपुर और संभल आदि जिलों में हैं। कई बार विवि आने पर भी विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस परेशानी के हल के रूप में विवि जल्द नया सॉफ्टवेयर संचालित करेगा।
इसके माध्यम से घर बैठे डिग्री सत्यापन कराया जा सकेगा। साथ ही प्रोविजनल डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट की सुविधा भी ऑनलाइन मिल जाएगी। विवि से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन करीब सात से आठ हजार डिग्री सत्यापन के लिए आती हैं। डाक से आने वाली इन डिग्रियों के सत्यापन के लिए चार्ट में नाम चेक किया जाता है। इस प्रक्रिया में करीब 15 दिन का समय लगता है।
नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से विद्यार्थी वेबसाइट पर ही डिग्री के सत्यापन के लिए आवेदन कर सकेंगे। जहां इसे एक सप्ताह में सत्यापित किया जा सकेगा। इसी तरह वर्तमान में विद्यार्थियों को प्रोविजनल डिग्री प्राप्त करने के लिए तीन से चार घंटे का समय लगता है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि जल्द ही सॉफ्टवेयर का संचालन किया जाएगा। इससे दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। फिलहाल डेटा फीडिंग का कार्य किया जा रहा है। संवाद