एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा इस बार 330 केंद्रों पर होगी। विश्वविद्यालय में मंगलवार को हुई परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति की बैठक में बरेली और मुरादाबाद मंडल के केंद्रों की सूची फाइनल की गई। राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में स्वकेंद्र व्यवस्था रहेगी, लेकिन यहां के परास्नातक के छात्रों की परीक्षा दूसरे केंद्रों कराई जाएगी। सभी कॉलेजों में लड़कियों के लिए स्वकेंद्र व्यवस्था रहेगी, लेकिन इसमें एक शर्त भी जोड़ी गई है। जिन कॉलेजों में सौ से कम छात्राएं होंगी वहां स्वकेंद्र नहीं बनेगा। इन कॉलेजों की छात्राओं को पास के ही परीक्षा केंद्र पर अटैच किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं पांच मार्च से शुरू हो रही हैं। केंद्र निर्धारण को लेकर काफी दिनों से माथापच्ची चल रही थी। स्वकेंद्र व्यवस्था खत्म होने से विश्वविद्यालय के सामने केंद्र निर्धारण की सबसे बड़ी चुनौती थी। मंगलवार को केंद्रों की सूची फाइनल की गई। राजकीय और अनुदानित कॉलेज सबसे ज्यादा परेशान थे कि उनकी परीक्षाएं कहां कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय ने स्नातक की परीक्षाओं के लिए स्वकेंद्र बनाकर उनको बड़ी राहत दी है। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि केंद्रों की सूची फाइनल कर दी गई है। 330 केंद्रों पर इस बार परीक्षा होगी।
15 कॉलेज सूची से बाहर
परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर इस बार शासन ने भी सख्त फरमान जारी किए थे। इस बार दागी कॉलेज, डिबार वाले कॉलेज, जिन कॉलेजों की शिकायतें आई थी उनको सूची से बाहर कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि दागी कॉलेजों को केंद्र नहीं बनाया गया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार दस केंद्र भी कम बनाए गए हैं।
नहीं मिला प्रस्तावित नामों का लाभ
इस बार विश्वविद्यालय ने केंद्र निर्धारण को लेकर कॉलेजों से आसपास के तीन-तीन कॉलेजों के प्रस्ताव मांगे थे। कुछ कॉलेजों ने अपने प्रस्ताव भी भेजे थे। हालांकि समिति ने किसी भी कॉलेज को उनका मनचाहा केंद्र नहीं दिया है। ज्यादातर के परीक्षा केंद्र उन कॉलेजों में बनाए गए हैं जो उनके प्रस्ताव में ही नहीं थे। हालांकि इसमें दूरी का ख्याल रखा गया है। पांच से दस किमी के दायरे में ही केंद्र बनाया गया है।
नकल रोकना बड़ी चुनौती
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में नकल रोकना बड़ी चुनौती रहेगी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं। इनकी मानिटरिंग विश्वविद्यालय कंट्रोल रूम से करेगा। इसके लिए एक बड़ी स्क्रीन लगा दी गई है। विश्वविद्यालय में नकल अध्यादेश को लेकर भी काफी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि सरकार ने नकल अध्यादेश जो कि सपा सरकार में खत्म हो गया है उसे फिर से लागू कर दिया है। हालांकि विश्वविद्यालय के पास अभी कोई जानकारी न आने के कारण यह लागू होगा या नहीं यह तय नहीं है।