अफसरों से चर्चा करतीं बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय
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विशेष रूप से रक्षाबंधन जैसे त्याहारों पर यहां सामाजिक दायित्वों से जुड़े विशेष आयोजन किए जाएंगे। इसके अलावा, शक्ति रंगमंच का उपयोग महिला जागरूकता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और संवाद सम्मेलनों के लिए होगा, जबकि वीरांगना चौक और वीरांगना उद्यान देश की महान नारियों के योगदान को श्रद्धांजलि देंगे।
जटायु की लगेगी विशाल प्रतिमा
उद्यान का मुख्य आकर्षण केंद्र में स्थापित होने वाली जटायु की एक विशाल प्रतिमा होगी। प्रतीकात्मक पंखों, संगीतमय फव्वारों, जल तत्वों और विशेष प्रकाश व्यवस्था से सजी यह प्रतिमा स्थल को प्रभावशाली रूप प्रदान करेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए परिवारों और बच्चों के मनोरंजन, फूड कोर्ट तथा विश्राम की भी विश्वस्तरीय सुविधाएं यहां उपलब्ध रहेंगी। नाथ परंपरा में मां पार्वती शक्ति का रूप हैं, और यह उद्यान उसी शक्ति अवधारणा को जटायु के साहस से जोड़कर बरेली को पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
बीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि जटायु ने माता सीता की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर नारी सम्मान का जो सर्वोच्च उदाहरण पेश किया था, उसे आज के समाज से जोड़ना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति से प्रेरित होकर बीडीए इस परिसर को एक प्रेरणादायी केंद्र के रूप में ढाल रहा है।