फरीदपुर की कंजड़ गौंटिया में पुलिस ने लोगों को भरोसे में लेकर की कार्रवाई
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रोजगार का आश्वासन मिला तो लोगों ने खुद लाकर रख दिए लहन से भरे बर्तन
फरीदपुर। कच्ची शराब के धंधे के लिए कुख्यात कंजड़ गौंटिया में फरीदपुर पुलिस ने वो कारनामा कर दिखाया, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। धंधे पर अंकुश लगाने में जब हर हथकंडा फेल हो गया तो पुलिस ने गांधीगीरी का सहारा लिया। इसका नतीजा यह रहा कि जिन स्थानों से पुलिस तमाम छापों के बाद भी कच्ची शराब नहीं पकड़ पाई थी वहां से लोगों ने खुद ही हजारों लीटर लहन लाकर पुलिस के सामने रख दिया। यह देख पुलिस भी हैरत में पड़ गई। एएसपी अभिमन्यु मांगलिक की पहल पर किए गए इस कारनामे में पुलिस ने किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, बल्कि लोगों को ये धंधा छोड़कर मुख्य धारा से जोड़ने के लिए रोजगार मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
फरीदपुर का गांव कंजड़ गौंटिया में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाने और बेचने का धंधा होता है। पुलिस और आबकारी विभाग तमाम दबिश देने और कार्रवाई करने के बाद भी इस धंधे को अब तक बंद नहीं करा पाया। महिलाएं और बच्चे तक इस धंधे में लिप्त हैं। धंधा बंद कराने को जब पुलिस के पास कोई और विकल्प नहीं बचा तो एएसपी ने गांधीगीरी का रास्ता चुना। मंगलवार शाम एएसपी अभिमन्यु मांगलिक फोर्स के साथ कंजड़ गौंटिया पहुंचे। एएसपी ने ग्रामीणों को पहले मास्क बांटे। कहा, आज पुलिस किसी के खिलाफ कार्रवाई करने नहीं आई है, बल्कि वह चाहते हैं कि गांव के लोग भी समाज की मुख्यधारा से जुड़े। उनके बच्चे भी पढ़ लिखकर नौकरी करें और देश का नाम रोशन करें। यहां के लोग अवैध धंधा छोड़कर कोई और रोजगार करें, इसमें पुलिस भी उनकी मदद करेगी। इस तरह पुलिस ने लोगों को भरोसे में लिया तो वे ऐसे-ऐसे स्थानों से लहन निकाल लाए जहां पुलिस कभी नहीं पहुंच पाई। करीब 40 बर्तनों में तीन हजार लीटर लहन पुलिस के सामने इकट्ठा हो गया। इसे नष्ट करा दिया। इस दौरान पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों ने आश्वासन दिया कि अब वे ये धंधा छोड़कर कोई और रोजगार शुरू करेंगे। बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देंगे ताकि उनका गांव आदर्श गांव बन सके। पुलिस ने भी उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
शराब के गैरकानूनी धंधे को छुड़ाने का प्रयास किया गया है, ताकि वहां के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। गांववालों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लॉकडाउन में उनके भोजन आदि की व्यवस्था के लिए समाजसेवी संस्थाओं की मदद ली जाएगी। उम्मीद है कि यह गांव आदर्श गांव बन सकेगा। - अभिमन्यु मांगलिक, एएसपी