बरेली। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट कुमार मयंक ने पाॅक्सो एक्ट में दोषी को 10 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि, आरोपी को एससी-एसटी एक्ट में दोषमुक्त कर दिया है। उसने 13 साल की किशोरी को अगवा करने के बाद 29 दिन तक देहरादून में रखकर शारीरिक संबंध बनाए थे।
सात मार्च 2013 को थाना बारादरी में किशोरी के पिता ने भोजीपुरा के गांव घाटमपुर निवासी वासुदेव उर्फ नन्हे कश्यप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी के पिता के अनुसार एक मार्च को सुबह सात बजे उसकी 13 साल की बेटी किराना की दुकान पर दूध की थैली खरीदने गई थी। रास्ते से वासुदेव बेटी को फुसलाकर ले गया। एक माह बाद किशोरी पुलिस को सेटेलाइट बस अड्डे के पास मिली।
किशोरी ने बयानों में कहा कि वासुदेव ने उसको देहरादून में 29 दिन तक रखा। धर्मस्थल में शादी की और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। सवा माह के बाद वह उसको लेकर बरेली आ रहा था। सेटेलाइट पर पुलिस देखकर वह उसको छोड़कर भाग गया। कोर्ट ने विवेचक, गवाहों और अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुना। साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद वासुदेव को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद
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रिश्वत लेते पकड़े गए हेड कांस्टेबल की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या दो कमलेश्वर पांडेय ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए हेड कांस्टेबल कौशल कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कांस्टेबल को एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने 23 सितंबर को चार्जशीट से नाम निकालने के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए मुरादाबाद के थाना बिलारी से गिरफ्तार किया था। उसने रिश्वत के रुपये सब इंस्पेक्टर रवि प्रकाश के कहने पर लिए थे।
थाना बिलारी के गांव सिहारी नंदा निवासी मितेंद्र सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद इकाई को लिखित शिकायत की थी कि बिलारी थाने में दर्ज एक मामले में उसके अलावा उसके बेटे मुनेश, विनय और भतीजा विनीत नामजद हैं। विवेचक सब इंस्पेक्टर रवि प्रकाश ने दोनों बेटों का नाम निकालने के लिए रुपये मांगे हैं। 15 हजार रुपये वह ले चुके हैं, इसके साथ ही 15 हजार रुपये उन्होंने मेरठ के थाना मवाना के गांव कूड़ी कमालपुर निवासी हेड कांस्टेबल कौशल कुमार को देने के लिए कहा है।
शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने 23 सितंबर को हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते पकड़ लिया। मामले में सुनवाई स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या दो बरेली में चल रही है। कौशल कुमार जेल में है। उसने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। अभियोजन पक्ष के वकील ने जमानत दिए जाने का विरोध किया। कोर्ट ने गुण-दोष के आधार पर उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। संवाद