बरेली। भूमिगत लाइन डालने के लिए 33 केवी का केबल नहीं मिल पाने के कारण 220 केवी साउथ सिटी ट्रांसमिशन से शहर के चार बिजली उपकेंद्रों के लिए आपूर्ति में देरी हो रही है। केबल डालने का काम आरडीएसएस योजना के तहत होना है।
साउथ सिटी ट्रांसमिशन से किला, सुभाषनगर, मढ़ीनाथ और सराय तल्फी उपकेंद्रों के लिए आपूर्ति मार्च से शुरू होने थी, लेकिन काम समय से पूरा नहीं हो सका। इस कारण शहर के बड़े इलाके में उपभोक्ता गर्मियों में बिजली कटौती से परेशान रहे। कई बार किला और सुभाषनगर उपकेंद्र का घेराव भी किया। बिजली कटाैती के विरोध में जाम लगाया और डीएम आवास भी घेरा, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकल सका।
पिछले महीनों विद्युत निगम के चेयरमैन स्तर से सख्ती के बाद काम में तेजी आई। अब काम तो पूरा हो गया है, लेकिन 33 केवी भूमिगत लाइन के लिए केबल न होने से बिजली आपूर्ति शुरू होने में देरी हो रही है। 15 अक्तूबर से ट्रांसमिशन से आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन केबल उपलब्ध न होने से काम अटकता दिख रहा है।
20 किमी केबल की जरूरत
चारों उपकेंद्रों को सराय तल्फी ट्रांसमिशन से जोड़ने के लिए 20 किमी केबल की जरूरत है। ट्रांसमिशन से किला, सुभाषनगर और मढ़ीनाथ बिजली उपकेंद्रों की दूरी चार से पांच किमी है। सराय तल्फी उपकेंद्र दो किमी की दूरी पर है। फिलहाल, सराय तल्फी के अलावा अन्य तीनों उपकेंद्रों के लिए ही भूमिगत लाइन ही डाली जानी है। केबल डालने और कनेक्शन जोड़ने के काम में भी कम से कम दो माह लगेगा।
इन इलाकों में दूर होगी समस्या
साउथ सिटी ट्रांसमिशन से आपूर्ति शुरू होने पर सुभाषनगर, किला और मढ़ीनाथ उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग आदि की समस्या दूर होगी। अभी इन उपकेंद्रों पर 33 केवी लाइन सीबीगंज से आती है। 18 किमी लाइन में फॉल्ट होने पर कई घंटे उसे तलाशने में ही लग जाते हैं। संवाद
साउथ सिटी ट्रांसमिशन उपकेंद्र का काम पूरा हो गया है। यहां से किला, मढ़ीनाथ और सुभाषनगर के लिए 33 केवी अंडरग्राउंड केबल डाला जाना है। कार्यदायी संस्था के पास केबल नहीं है। इस कारण ट्रांसमिशन से आपूर्ति शुरू होने में कुछ देरी हो सकती है। - महावीर सिंह, प्रभारी अधीक्षण अभियंता