फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूजीसी सख्त.. विश्वविद्यालयों को करानी होंगी परीक्षाएं

विज्ञापन
demo photo - फोटो : demo photo
विज्ञापन

फाइनल ईयर के छात्र कर रहे हैं परीक्षाओं को रद्द करने की मांग
विज्ञापन

यूजीसी ने जारी की गाइड लाइन, कोई नहीं कर सकता इनकार

बरेली। अंतिम वर्ष के छात्रों के परीक्षाएं रद्द करने की मांग के बीच अब यूजीसी के रुख से साफ हो गया है कि परीक्षाएं रद्द नहीं होंगी। यूजीसी की ओर से हाल में जारी की गई एक गाइड लाइन में कहा गया है कि सभी विश्वविद्यालय गाइडलाइन के दायरे में आते हैं। चाहे वे केंद्रीय हों अथवा राज्यों के विश्वविद्यालय। कोई भी इस गाइड लाइन को मानने से इनकार नहीं कर सकता है।
यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने कहा कि उन्हें भी कई राज्यों की ओर से परीक्षाएं न कराने के फैसले की जानकारी मिली है, जल्द ही वह इस संबंध में संबंधित राज्यों और विश्वविद्यालयों से चर्चा करेंगे। साथ ही उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि लोग परीक्षाएं न कराने के पीछे कोरोना का तर्क दे रहे हैं। कहा कि कोरोना की स्थिति पर भी पूरी नजर है और वह परीक्षार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हैं। जुलाई में परीक्षाएं कराने की बात थी लेकिन इसी को देखते हुए टाल दिया गया है। परीक्षाएं कराने को सितंबर के अंत तक का समय दिया गया है। कहा कि अधिकतर विश्वविद्यालय तैयार हैं। स्थानीय स्थितियों का भी आकलन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए यूजीसी विश्वविद्यालयों की पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाओं को पहले ही रद्द चुकी है। इसके तहत इन सभी छात्रों को अब आंतरिक आंकलन के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। जबकि अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को एक से पंद्रह जुलाई के बीच कराने को कहा था। लेकिन अब संशोधित गाइड लाइन में इन्हें सितंबर तक कराने की बात कही गई है। कुलपति डॉ. अनिल शुक्ल ने कहा कि अभी परीक्षाओं को लेकर शासन से जो भी निर्देश मिलेंगे, विवि उसी अनुसार काम करेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें