विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से प्राप्त धनराशि का तीन साल से ब्योरा न देने का मामला उजागर होने के बाद बरेली कॉलेज प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। अब शोध समन्वय समिति पिछले तीन साल के अनुदान का ब्योरा यूजीसी को भेजने की तैयारी कर रही है ताकि आगे और अनुदान प्राप्त किया जा सके।
बरेली कॉलेज ने वर्ष 2017 से यूजीसी से प्राप्त अनुदान के खर्च का हिसाब-किताब नहीं भेजा है, जिसके चलते आगे जारी होने वाले अनुदान पर रोक लगा दी गई है। कहा जा रहा है कि जब तक पुराने अनुदान का हिसाब-किताब यूजीसी से मंजूर नहीं हो जाता, नया अनुदान मिलना संभव नहीं है। इस वजह से बरेली कॉलेज में शोध समेत तमाम गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
वहीं, राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के आगामी मई मेें होने वाले मूल्यांकन को लेकर भी कॉलेज की आंतरिक गुणवत्ता सुधार आश्वासन समिति ने तीन साल से यूजीसी से अनुदान न मिलने को गंभीरता से लिया है। इस पर गंभीर हुए कॉलेज प्रशासन ने पिछले अनुदान का पूरा हिसाब, संबंधित बिल-बाउचर आदि यूजीसी को भेजकर अनुदान लेने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में शोध समन्वय समिति को भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
यूजीसी से मिलने वाले अनुदान को लेकर जो भी जरूरी प्रक्रिया है, उसे पूरा कराया जाएगा। अभी शीतकालीन अवकाश है। कॉलेज खुलने पर इसकी समीक्षा की जाएगी।- डॉ. अविनाश अग्रवाल, शोध समन्वयक, बरेली कॉलेज