आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने उदयपुर की घटना पर दुख जाहिर करते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भी इस्लाम के नाम पर इंसान की हत्या की है वह मुसलमानों के दुश्मन हैं। यह बिल्कुल गलत बात है। उन्होंने कहा की राजस्थान में इस तरह की घटना लगातार हो रही है। ऐसे हालात में वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही दर्जी की हत्या के मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मौलाना ने कहा कि हमारी किसी से नाराजगी नहीं है, ना किसी हिंदू भाइयों से नाराजगी है। नूपुर शर्मा ने गलती की थी उन्होंने माफी मांग ली। अलबत्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत जरूर है क्योंकि जब भारतीय जनता पार्टी ने नूपुर शर्मा को दोषी मान लिया था, तो फिर मोदी सरकार ने इस मामले में कार्यवाही क्यों नहीं की। बस इतनी सी बात है।
तंजीम उलमा इस्लाम ने की सख्त निंदा
दरगाह आला हजरत से जुडे संगाठन तंजीम उलमा इस्लाम के राष्ट्र महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि पैगम्बरे इस्लाम की शान में गुस्ताखी की घटनाओं ने मुसलमानों के दिलों को तकलीफ पहुंचा रखी थी, लेकिन उदयपुर के वाक्ये ने देशभर के मुसलमानों का सर झुका दिया है। ऐसी घटना को अंजाम देने की इस्लाम कभी भी इजाजत नहीं देता।
मौलाना ने कहा की पैग़म्बरे इस्लाम ने अपनी जिंदगी के किसी भी गेशे में अपने विरोधियों, यहां तक कि अपने सख्त जानी दुश्मनों तक से न खुद इन्तकाम (बदला) लिया और न अपने सहाबा (अनुयाई साथी) को इन्तकाम लेने दिया। ऐसे में जो लोग पैगम्बर इस्लाम से अपनी मोहब्बत के इजहार के तौर पर बुरा कहने वालों का इस तरह सर क़लम करें। उन्हें किसी भी तरह से इस्लाम धर्म का खौरख्वाह करार नहीं दिया जा सकता।
इस्लाम तो बहुत दूर की बात है उन्हें भारतीय मुसलमानों का भी खौराख्वाह नहीं माना जा सकता। इस्लाम साफ सुथरी छवि का नाम है। इस्लाम तलवार का नाम नहीं, बल्कि इस्लाम अखलाक व तहजीब और प्यार व मौहब्बत का नाम है, लेकिन उदयपुर के इन कातिलों ने इस्लाम की इन तमाम खूबियों पर पानी फेर दिया है। जो विडियो सोशल मीडिया पर गस्त कर रहा है उसकी जुबान सुन कर अंदाजा होता है कि उन्हें इस्लाम का मामूली सा इल्म भी छूकर नही गुज़रा, ये कौन लोग हैं जो पैगम्बरे इस्लाम की शिक्षा के खिलाफ काम कर रहे है। इसकी जांच होना चाहिए।