बरेली। मृतक आश्रित से वसूली के आरोप में पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के वेलफेयर इंस्पेक्टर कुणाल और जितेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं (जैसे मेडिकल, पेंशन, आवास) का लाभ दिलाने, सेवानिवृत्त होने वाले या ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे मामलों के निस्तारण आदि की जिम्मेदारी वेलफेयर इंस्पेक्टर पर होती है। आरोप है कि कुणाल और जितेंद्र दलालों के जरिये इन कार्यों के बदले रेलवे कर्मचारियों और उनके आश्रितों से वसूली कर रहे थे।
दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार की लगातार शिकायत आ रही थीं। पिछले दिनों मृत रेलवे कर्मचारी की पत्नी से भी दोनों ने दलाल के जरिये वसूली की थी। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों समेत मुख्य कार्मिक अधिकारी संदीप सिंह से की गई। प्रथम दृष्टया जांच में दोनों दोषी पाए गए। इसके बाद मुख्य कार्मिक अधिकारी ने दोनों को निलंबित कर दिया है। सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा का कहना है कि जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही ज्यादा कुछ कहा जा सकता है।