बरेली। मझगवां विकास खंड किदौना ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) राजीव आनंद को 8,24,465 रुपये के गबन के आरोप में निलंबित किया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) धर्मेंद्र कुमार ने 21 अप्रैल को प्रारंभिक जांच में गबन और वित्तीय अनियमितता का उदाहरण देते हुए आख्या दी है।
इसके आधार पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने आरोपपत्र भेजकर वीडीओ से जवाब मांगा था। जवाब के लिए 20 दिन का समय दिया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। इसे अनुशासनहीनता माना गया और आलमपुर जाफराबाद के बीडीओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए निलंबन आदेश जारी किया है। ब्यूरो
भ्रष्टाचार पर कार्रवाई- दो
पिता के नाम पर फर्म चलाई, जांच के बाद एफआईआर दर्ज
बरेली। बिथरी चैनपुर ब्लॉक वीडीओ विपिन पांडेय ने पिता के नाम पर फर्म बनाई। पत्नी को प्रोपराइटर बनाकर हेराफेरी की। अपर जिला पंचायत राज अधिकारी (एडीपीआरओ) रिजवान अहमद ने वीडीओ के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
निदेशक पंंचायती राज और प्रमुख सचिव के संज्ञान में मामला आया तो उनके निर्देश पर कार्रवाई की गई है। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि अब तक जो भी साक्ष्य सामने आए हैं, उन्हें समेटते हुए तहरीर दी गई है। बिथरी चैनपुर थाना के इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने बताया कि एडीपीआरओ की ओर से तहरीर दी है। अमानत में खयानत का आरोप वीडीओ पर है। रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। ब्यूरो
ऐसे की गई हेराफेरी
पत्नी की फर्म को फायदा पहुंचाने के बाद भी कार्रवाई न हो, इस मंशा से वीडीओ ने ऐसी फर्म का इस्तेमाल किया, जिसमें प्रोपाइटर कोई दूसरा है। मामला तब खुला था जब रतनपुर निवासी सत्यप्रकाश की शिकायत पर मनरेगा के उपायुक्त गंगाराम ने प्राथमिक जांच कराई गई थी। पता चला था कि 24 अप्रैल, 2022 के उस शासनादेश को वीडीओ ने धता बता दिया, जिसमें पत्नी और सगे संबंधियों की फर्म से लेनदेन और आपूर्ति न करने आदेश दिए हैं।