कलीनगर। दावों के बाद भी नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। परेशान किसानों का कहना है कि जरूरत पर पहला पानी न मिलने से जेब पर बोझ बढ़ गया है। इसके लिए प्रति एकड़ दो हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। नहर का पानी न मिलने से फसलों के उत्पादन पर असर पड़ेगा।
जनपद का कलीनगर तहसील क्षेत्र सिंचाई परियोजना के लिए काफी अहम माना जाता है। शारदा डैम के अलावा बाइफरकेशन में उत्तराखंड से आने वाली शारदा मुख्य नहर के माध्यमों से हरदोई ब्रांच, लखीमपुर ब्रांच नहर और उसकी सहायक नहरें निकाली गईं हैं। हर बारिश के बाद नहरों और माइनरों की सिल्ट साफ कराई जाती है। गेहूं में पहले पानी की जरूरत से पूर्व ही (नवंबर) नहरों में पानी छोड़ दिया जाता है। इस बार दिसंबर के 15 दिन बीतने के बाद भी पानी नहीं छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि इससे परेशानी बढ़ गई है। किराए पर पंपिंग सेट लेकर सिंचाई करना उनकी मजबूरी हो गई है। एक एकड़ जमीन में दो हजार रुपये तक खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी फसलों की पैदावार पर संकट मंडरा रहा है। वहीं लागत भी बढ़ रही है।
करीब 20 हजार किसानों के लिए सिर्फ नहरें ही सिंचाई का जरिया
जिले में हजारों किसान ऐसे भी हैं जिन्हें फसलों में सिंचाई के लिए सिर्फ नहरों का सहारा है। नवदिया टोंडर, नवदिया घनेश, केसरपुर, लोधीपुर, बराही, कीरतपुर, अर्जुनपुर, लौकाही, अमृतपुर, बिहारीपुर, डगा आदि गांवों में करीब 20 हजार से ज्यादा किसान सिंचाई के लिए सिर्फ नहरों पर ही निर्भर हैं। यहां न खेतों पंपिंग सेट है और न ही बिजली की व्यवस्था। जिले की हरदोई ब्रांच, खीरी ब्रांच, पूरनपुर रजवाह, माधोटांडा रजवाह नहरें व सहायक नहरों से ही करीब 20 हजार किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
हरदोई ब्रांच नहर में अभी पानी नहीं छूट सका है। इसके चलते सहायक नहरें खाली है। उम्मीद है कि आज से सुचारू रूप से पानी छोड़ा जाएगा।इससे किसानों को सिंचाई संबंधी परेशानी नहीं आएगी। - मुकेश चंद्रा, सहायक अभियंता, शारदा सागर खंड
नहरें व माइनरें बंद होने से फसलें खराब हो रही हैं।
किसान बोले- नहरें व माइनरें बंद होने से खराब हो रहीं फसलें नहरें व माइनरें बंद होने से फसलें खराब हो रही हैं। डीजल से सिंचाई करने में दो हजार रुपये तक प्रति एकड़ खर्च झेलना पड़ रहा है। - मंजीत सिंह, भाकियू नेता
किसानों को सुविधा देने के दावे किए जाते हैं। सिंचाई के लिए कभी भी समय से पानी नहीं मिलता। निजी खर्च से पानी लगाने पर मजबूर हैं। - सुखदीप सिंह लाडी
खेत में इंजन से चलते पानी को फैलाता किसान । संवाद
खेत में इंजन से चलते पानी को फैलाता किसान । संवाद
खेत में इंजन से चलते पानी को फैलाता किसान । संवाद
खेत में इंजन से चलते पानी को फैलाता किसान । संवाद
खेत में इंजन से चलते पानी को फैलाता किसान । संवाद
खेत में इंजन से चलते पानी को फैलाता किसान । संवाद