इसलिए रची साजिश
पूछताछ में उमेशपाल ने बताया कि वह अपने भाई इंद्रपाल के आपराधिक आचरण और गलत चाल-चलन से परेशान था। उसकी भतीजी स्वाति गांव के ही विकास सिंह के साथ चली गई थी। उन लोगों ने विकास व अन्य पर रिपोर्ट लिखाई थी, लेकिन स्वाति ने विकास से शादी कर ली और फिर दोनों गांव में ही आकर रहने लगे। इससे उनके परिवार की बदनामी हो रही थी। शादी के बाद पुलिस ने भी विकास व अन्य पर दर्ज मामले को खत्म कर दिया।
इससे वह अंदर ही अंदर परेशान था। उसने 30 अप्रैल की रात साढ़े दस बजे अपने भाई इंद्रपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर उसने विकास और उसके परिजनों को फंसाने के लिए रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। उसने सोचा था कि विकास व उसके परिवार के लोग जेल चले जाएंगे तो उसके रास्ते का कांटा साफ हो जाएगा।
उमेशपाल पर पहले से दर्ज हैं मामले
एएसपी ने बताया कि उमेशपाल सिंह का आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ पहले भी हत्या और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इसमें वर्ष 2000 में दर्ज हत्या का मामला और वर्ष 2021 में दर्ज हत्या की कोशिश के मामले भी शामिल हैं। उमेशपाल को कोर्ट में पेश किया गया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।