भोजीपुरा क्षेत्र में नहाने गए थे छह लड़के, दो भंवर में फंसे
विज्ञापन
एक बीएससी दूसरा आठवीं का छात्र, शवों को बिना कार्रवाई ले गए घर वाले
भोजीपुरा (बरेली)। नकटिया नदी में नहाने गए भोजीपुरा इलाके के गांव भोला मानपुर गांव के दो छात्र नदी में डूब गए। इनमें से एक बीएससी और दूसरा आठवीं का छात्र था। डूबते छात्रों को बचाने की कोशिश में चार अन्य छात्र भी डूबने से बाल - बाल बचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से बमुश्किल शवों को नदी से निकाला गया। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव भोला मानपुर निवासी 22 वर्षीय दिनेश और 15 वर्षीय राममोहन सोमवार सुबह आठ बजे घर से आधा किमी दूर नकटिया नदी में नहाने गए थे। गांव के चार और दोस्त इनके साथ थे। सभी छात्र नहाने लगे। तभी राममोहन तेज धार में फंस गया। उसे डूबता देख दिनेश उसे बचाने पहुंचा तो वह भी भंवर मे फंस गया। बाकी चारों दोस्तों ने भी इन दोनों को बचाने की कोशिश की पर तेज धार में डूबने लगे तो किसी तरह किनारे लौट आए। चारो ने शोर मचाया और इनमें से कुछ ने भागकर गांव में सूचना दी। इससे डूबे लड़कों के परिजन रोते बिलखते घाट पर पहुंचे। काफी ग्रामीण व गोताखोर भी पहुंच गए। गोताखोरों ने दोनो को नदी से निकाला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक भोजीपुरा मनोज त्यागी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने काफी प्रयास किया पर परिवार पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुआ। लिखकर दे दिया कि कोई कार्रवाई नहीं चाहते और शव साथ ले गए। शाम को दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इकलौता और होनहार था दिनेश
- परिवार के लोगों ने बताया कि दिनेश बीएससी कर रहा था। वह अपने मां बाप का इकलौता पुत्र था। पिता सोमपाल बड़े किसान हैं। दिनेश डॉक्टर बनना चाहता था। वह मिलनसार और होनहार था। उसकी मां दुर्गा देवी को घटना से काफी सदमा लगा है। राममोहन तीन भाईयों में सबसे छोटा था। उसके पिता की मौत हो चुकी है। इसलिए बाकी भाई उसका काफी ख्याल रखते थे। वह संजय गांधी पब्लिक स्कूल मुझैना में कक्षा आठ का छात्र था।