भोजीपुरा। छुट्टा संरक्षित पशुओं को मारने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने शुक्रवार की देर रात दो मांस तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि नौ आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गए। पकड़े गए मांस तस्करों ने 15 दिन पूर्व धिमनी रोड किनारे मिले अवशेष की घटना के जुर्म को स्वीकार किया है।
ग्रामीणों के अनुसार भोजीपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा धौंराटांडा से कुआडांडा धिमनी रोड किनारे संरक्षित पशु के अवशेष मिले थे। पांच अगस्त को सूचना पर गोरक्षकों की टीम धिमनी रोड स्थित घटनास्थल पर पहुंची। इस बीच गोरक्षकों और पुलिस में नोकझोंक हुई थी। पुलिस ने अवशेषों की जांच रिपोर्ट आने के बाद अज्ञात मांस तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अपराध निरीक्षक धर्मेश कुमार व चौकी इंचार्ज धौंराटांडा संजय कुमार तभी से घटना के खुलासे में लगे थे। पुलिस को शुक्रवार की रात सूचना मिली कि मांस तस्कर छुट्टा संरक्षित पशुओं की तलाश में घूम रहे हैं। सूचना पर पुलिस की टीम रात्रि तीन बजे पहुंची। धौंराटांडा स्थित दादा मियां की मजार के पास से छोटे उर्फ अब्दुल कय्यूम निवासी वार्ड नंबर 10 व छोटे उर्फ एसओ वार्ड नंबर 9 कस्बा धौंराटांडा को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि इनके कब्जे से मांस काटने के औजार, एक बाइक व 40,000 रुपये बरामद हुए।
अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास
पकड़े गए मांस तस्करों ने पुलिस को बताया कि वह लोग छुट्टा संरक्षित पशुओं का मारकर उनका मांस बेचने का काम करते थे। धिमनी रोड पर उन लोगों ने संरक्षित पशु को मारा था। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मौके से अजीम, शकील उर्फ पोला, रिजवान उर्फ बंटरा, मोनिश, फईम, शानू, जीशान उर्फ जलीस, जुबैर, पप्पू निवासी कस्बा धौंराटांडा थाना भोजीपुरा मौके से भाग गए। इन सभी के खिलाफ भोजीपुरा थाने में गोकशी, मारपीट की धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनका लंबा आपराधिक इतिहास है।
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भागे आरोपियों की तलाश शुरू
इंस्पेक्टर प्रवीण सोलंकी ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों ने स्वीकार किया कि पांच अगस्त की घटना के पीछे इनका हाथ था। इनके गिरोह में 11 आरोपी थे, जो छुट्टा संरक्षित पशुओं को निशाना बनाते थे। भागे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।