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Bareilly News: दुष्कर्म के बाद बालक की हत्या करने वाले दो दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

Thu, 21 May 2026 01:27 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने 11 साल के बालक से दुष्कर्म और हत्या के दोषी किशन श्रीवास्तव और हिमांशु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई। उन पर 65-65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 
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हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद की सजा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने बुधवार को 11 साल के बालक के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या के दोषी इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशन श्रीवास्तव और हिमांशु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन पर 65-65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 11 साल का बेटा घर के बाहर खेल रहा था। गांव के ही किशन श्रीवास्तव और हिमांशु शर्मा ने उसके बेटे को 50 रुपये देने का लालच देकर दुष्कर्म किया। बेटे ने रुपये मांगे तो दोनों ने इन्कार कर दिया।

भेद खुलने के डर से की थी हत्या 
बेटे ने इस बारे में सभी को बता देने की बात कही। भेद खुलने के डर से किशन और हिमांशु ने रस्सी से गला घोंटकर उसके बेटे की हत्या कर दी और शव गन्ने के खेत में छिपा दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने अपहरण, एससी-एसटी एक्ट और हत्या की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने किशन और हिमांशु को अपहरण, एससी-एसटी एक्ट, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
 
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पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के दोषी को उम्रकैद
बरेली के स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के दोषी सिरौली थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी खुशीराम को आजीवन कारावास और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। 

सिरौली थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे बाहर रहकर नौकरी करते हैं। गांव के घर में वह उसकी पत्नी और नाबालिग बेटी रहती है। एक दिसंबर 2021 की शाम सात बजे बेटी घर में अकेली थी।

मौका पाकर गांव का ही खुशीराम घर में घुस आया। वह बेटी को घर से उठाकर ले गया और जंगल में उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी।

जांच के बाद पुलिस ने खुशीराम के खिलाफ अपहरण, एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह व साक्ष्य पेश किए गए। अभियोजन की मजबूत पैरवी और पीड़िता के बयान सजा का आधार बने। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद खुशीराम को कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
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