वहीं, भूमि संरक्षण विभाग की वाटरशेड विकास योजना के तहत 22 करोड़ रुपये से 104 गांवों में मेड़बंदी, सिंचाई और समतलीकरण कराया गया था। इसमें गड़बड़ी की शिकायत पर संयुक्त विकास आयुक्त प्रदीप कुमार ने इसकी टीएसी जांच कराई थी। तत्कालीन भूमि संरक्षण अधिकारी संजय सिंह ने छह बार पत्राचार के बावजूद जांच के लिए दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं कराए। इस पर उनका तबादला बांदा कर दिया गया था।
कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने मामले की एसआईटी जांच कराने के लिए शासन को पत्र लिखा था। छह और सात अगस्त को लखनऊ से आई तीन सदस्यीय टीम ने जांच की तो कई गड़बड़ियां सामने आईं। इसलिए शासन नेसंजय सिंह को निलंबित कर दिया है।
गबन की धनराशि की रिकवरी नहीं कराने के आरोप में शासन ने उप निदेशक अभिनंदन सिंह और पूर्व में यहां तैनात रहे भूमि सुधार अधिकारी संजय सिंह को निलंबित कर दिया है। - डीवी सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि, बरेली