आरोप है कि दूसरे दिन 15 जुलाई को करीब 10 बजे दोनों को एक चौराहे पर छोड़ दिया गया। किसी तरह से दोनों अपने घर पहुंचीं। डरी-सहमी बहनों ने उस समय कुछ नहीं बताया। 19 जुलाई को बहनों ने घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। इधर, पुलिस का कहना है कि मामला प्रेम प्रसंग का है।
निघासन थाना के प्रभारी निरीक्षक डीके सिंह का कहना है कि घटना के पांच दिन बाद वो लोग कोतवाली आए थे। महिला पुलिस की मौजूदगी में बयान लेने और मेडिकल कराने के लिए दोनों बहनों को पूछताछ के लिए रोका गया था।
किसी से तहरीर नहीं बदलवाई गई है। वह लोग रात में घर चली गईं थी। सोमवार को दोनों को बुलवाया गया था। तहरीर के आधार पर एक आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
एएसपी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि परिवारवालों ने जो तहरीर दी है, उसी के आधार पर एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहरीर बदलवाने का दबाव बनाने जैसी कोई जानकारी नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।