इस साल 58 करोड़ रुपये का मिला लक्ष्य
बिजली निगम ने पिछले वर्ष 52 करोड़ का राजस्व वसूल किया था। एकमुश्त समाधान योजना आने से उपभोक्ताओं ने बड़े पैमाने पर अपनी देनदारी को निपटाया था। पिछली प्रगति को देखकर 58 करोड़ का लक्ष्य मिला है। वैसे आमतौर पर 35 करोड़ की राजस्व वसूली हो पाती है।
नलकूपों पर 56 करोड़ का बकाया
जिले के 17 हजार ट्यूबवेल के उपभोक्ताओं ने बिल अदा नहीं किया। उनके ऊपर 56 करोड़ रुपये का बकाया है। शासन की योजना के अनुसार बिल अदायगी करने पर किसानों को छूट भी दी गई। फिर भी किसान बकाया जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसको लेकर भी अभियान चलाने की बात कही जा रही है।
आंकड़े
- जिले में हैं 4.8 लाख कनेक्शन
- पिछले साल हुई थी 52 करोड़ रुपये की वसूली
एसई जेपी वर्मा ने बताया कि बकाया वसूली को लेकर प्रयास शुरू किए गए हैं। पिछले वर्ष ओटीएस का लाभ मिल गया था। इस बार योजना नहीं है तो शिविर लगाकर बिल जमा कराएंगे। साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए निर्देशित किया गया है।