बरेली। हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा का मंगलवार शाम बरेली कॉलेज के पास दुश्मनों से आमना सामना हो गया। आरोप है कि दुश्मन गुट के दो बदमाशों ने चिरकुंडा पर तमंचा ताना तो इलाके में अफरातफरी मच गई। इस दौरान भीड़ जुटी तो दोनों बदमाश बाइक छोड़कर भाग निकले। चिरकुंडा ने थाने में मुकदमा वापस न लेने पर धमकाने की तहरीर दी है। हालांकि पुलिस रुपयों के लेनदेन का झगड़ा बता रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए एक फल विक्रेता को हिरासत में ले लिया है।
शाम साढ़े चार बजे कालीबाड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर चिरकुंडा का बरेली कॉलेज के सामने अपने दुश्मन गुट के दो बदमाशों से सामना हो गया। चिरकुंडा को सामने देखकर इन दोनों ने उस पर तमंचा ताना तो फायरिंग का शोर मच गया। बारादरी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में चिरकुंडा ने फायरिंग की बात से इंकार कर दिया। उसने बताया कि वह अपनी आठ वर्षीय बेटी एलिया के साथ बाइक से नगर निगम मंडी से फल लेकर घर जा रहा था, तभी बाइक से राहुल और अक्षय ने उसका पीछा किया। बरेली कॉलेज के सामने इन दोनों ने उसकी बाइक रोककर धमकाया कि पुराना केस वापस ले ले वर्ना अंजाम बुरा होगा। विरोध किया तो उस पर तमंचा तान दिया। लोगों ने शोर मचाया तो दोनों अपनी बाइक छोड़कर भाग गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से बात की तो किसी ने इस तरह की घटना होने से इंकार किया। चर्चा थी कि दोनों पक्षों में रुपये के लेनदेन का विवाद था। बहस बढ़ी तो चिरकुंडा गुट हावी हो गया लिहाजा दूसरा गुट बाइक छोड़कर भाग गया। इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने बताया कि पेशबंदी का मामला लग रहा है। हालांकि चिरकुंडा की तहरीर के मुताबिक मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
पेट से पार हो गई थी गोली
छह महीने पहले कालीबाड़ी में पत्नी के साथ बाइक से जाते वक्त चिरकुंडा को कमर से सटाकर गोली मारी गई थी, तब गोली पेट से पार हो गई थी। किस्मत से ही उसकी जान बची थी। उस मामले में विशाल और राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। दोनों की करीब डेढ़ महीने पहले जमानत हुई है।