बरेली। बिजली चोरी के मामले में प्रदेश के टॉप-50 फीडरों में दो बरेली हैं। बहेड़ी तहसील के कोतवाली फीडर पर 59 तो आंवला के नगरिया फीडर पर 53% लाइन लॉस (बिजली चोरी) सामने आया है। नगरिया से 3,546 तो बहेड़ी के कोतवाली फीडर से 2,684 उपभोक्ता जुड़े हैं। दोनों फीडरों पर प्रतिमाह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
जिले में विद्युत चोरी रोकने के लिए दावे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर उनका असर नहीं दिख रहा है। इसका खामियाजा विद्युत निगम को भुगतना पड़ रहा है। लखनऊ मुख्यालय से 50 फीसदी से अधिक बिजली चोरी वाले फीडरों की रिपोर्ट मांगी गई थी। जिले के जिन दो फीडरों पर हाई लाइन लॉस पाया गया है, वहां कार्यरत जेई व एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अब शासन स्तर से उनकी संपत्ति की जांच व अन्य कार्रवाई की जाएगी। यहां पूर्व में तैनात रहे जेई, एसडीओ, अधिशासी अभियंता की भी जांच की जाएगी। इन क्षेत्रों में बढ़ती बिजली चोरी व वसूली की खराब प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैंक स्टेटमेंट की भी जांच की जाएगी।
चलाया जा रहा अभियान
अब इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से अभियान चलाकर यह जांच की जा रही है कि कितने कनेक्शन अवैध रूप से चल रहे हैं। कितने कनेक्शन मीटर बाइपास कर चलाए जा रहे हैं और कितनों पर लोड अधिक हैं। अवैध कनेक्शन को काटकर प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। बकाया वसूली भी की जा रही है। उपभोग के अनुसार घरेलू कनेक्शनों को व्यावसायिक किया जा रहा है।
शहर में कुतुबखाना व किला में सबसे ज्यादा बिजली चोरी
शहर में बिजली चोरी की वजह से किला व कुतुबखाना में सबसे ज्यादा लाइन लॉस है। शहर के 10 उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां ट्रांसफार्मरों पर क्षमता के सापेक्ष 80 फीसदी से अधिक लोड है। किला, कुतुबखाना, हरूनगला, सुभाषनगर, कोहाड़ापीर उपकेंद्रों पर सर्वाधिक लाइन लॉस हो रहा है।
वर्जन
शत-प्रतिशत बिजली चोरी रोकने व राजस्व हानि कम करने की रणनीति अपनाई गई है। अधिकतम चोरी वाले फीडरों को चिह्नित कर वजह की पड़ताल की जा रही है। चेकिंग अभियान चलाकर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। जहां जो भी अधिकारी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अखिलेश कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम