कार की तलाशी के दौरान उसमें पुलिस की वर्दी रखी मिली। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने के लिए वह इस वर्दी का इस्तेमाल करते थे। वर्दी पहने होने की वजह से पुलिस उन्हें रोकती नहीं थी। इससे वह बच निकलते थे।
अलीगंज क्षेत्र के कई गांव तस्करी के लिए बदनाम
क्षेत्र के कई गांव मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम हैं। आरोपी हजारीलाल भी लंबे समय से अपना गांव कमालपुर छोड़कर अलीगंज में रह रहा है। यहीं से वह अपना पूरा नेटवर्क चलाता था।