फतेहगंज पूर्वी। अलग-अलग स्थानों पर ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। दोनों स्थलों पर 20 से 30 मिनट तक ट्रेनों का आवागमन ठप रहा। इसके बाद शवों को हटवाकर ट्रेनों का आवागमन शुरू हो सका। हादसे में 45 व्यक्ति की पहचान हो गई, जबकि अन्य हादसे में मृत युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने उसके शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि युवती का शव शिनाख्त कराने का प्रयास जारी है।
सोमवार की रात 11 बजे बहगुल नदी से आगे बिलपुर रेलवे क्राॅसिंग के पास अप लाइन पर 25 वर्षीय युवती जयनगर-दिल्ली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। लोको पायलट ने बिलपुर स्टेशन मास्टर अभिषेक कुमार को इसकी जानकारी दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर आरपीएफ कांस्टेबल ऋषिपाल मौके पर पहुंचे और शव को ट्रैक से हटवाकर रेल यातायात आवागमन शुरू करवाया। इस दौरान करीब 20 मिनट तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा था। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव की पहचान पास के गांव लाइखेड़ा के लोगों से करवाने का प्रयास किया, लेकिन पहचान नहीं हो पाई। शव को मोर्चरी भेजा गया है।
वहीं, दूसरी घटना सोमवार रात 11 बजकर दस मिनट पर डाउन लाइन पर हरेली रेलवे क्रॉसिंग संख्या 346 के पास हुआ। यहां एक युवक का शव कहीं ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिली। इसके बाद आरपीएफ चौकी इंचार्ज नरवीर सिंह के निर्देश पर हेड कांस्टेबल विजेंद्र सिंह के साथ थाना प्रभारी संतोष कुमार मौके पर पहुंचे। शव को रेलवे ट्रैक से हटवाकर रेल यातायात का आवागमन सुचारू कराया। ट्रैक पर शव होने के कारण करीब आधा घंटे तक ट्रेनों का आवागमन ठप था।
वर्षों पहले पत्नी छोड़ कर चली गई
युवक की पहचान 45 वर्षीय नरेंद्र, मुजफ्फरपुर थाना, सिंधौली शाहजहांपुर के रूप में उसके बहनोई गजेंद्र सिंह निवासी हरेली ने की है।मृतक के छोटे भाई मोनू ने बताया कि कई वर्षों से वह लोग हरेली गांव में अपनी बहन के यहां मकान बनवा कर रह रहे हैं। नरेंद्र की शादी हुई थी, लेकिन उसकी पत्नी उसे वर्षों पहले छोड़ कर चली गई थी। वह पेंटर का कार्य करता था। सोमवार की रात दस बजे के समय खाना खाकर गया था। ये जानकारी नहीं है कि रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गया। संवाद