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कोरोना से दो मौत और लाखों की वसूली, शासन ने मांगा जवाब

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बरेली। संक्रमितों के इलाज में कोविड अस्पतालों की लापरवाही की शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो मौत के मामलों में बिंदुवार जांच कराकर रिपोर्ट मांगी गई हैै। डीएम ने सीएमओ को दोनों मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बरेली में 24 जुलाई को हुई संक्रमित की मौत के प्रकरण में मृतक के बेटे ने शासन से शिकायत की है। आरोप है कि भोजीपुरा स्थित कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था। लिहाजा उन्होंने सरकारी व्यवस्था के अनुसार इलाज की मांग की थी। मगर ऐसा नहीं किया गया और संक्रमित की मौत हो गई। डिस्चार्ज करने के दौरान करीब पांच लाख रुपये का बिल थमा दिया। इसमें उन्होंने किसी तरह रिश्तेदारों से जुटाकर पौने चार लाख रुपये जमा कराए। दूसरा प्रकरण कोविड एल-3 अस्पताल में एक संक्रमित महिला की मौत का है। इस महिला को 24 जुलाई को भर्ती किया गया था। 24 घंटे के भीतर ही महिला की मौत हो गई। संक्रमित के परिजन का आरोप है कि शव को घर तक पहुंचाने के एवज में एंबुलेंस ड्राइवर ने आठ हजार रुपये ले लिए। दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट शासन ने मांगी है।
दोनों मामलों की जांच कराई जा रही है। जांच में प्रथमदृष्टया एंबुलेंस ड्राइवर के रुपये लेना प्रतीत होता है। दूसरे मामले में अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ जारी है। रिपोर्ट जल्द शासन को भेज दी जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ
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हाईकोर्ट के आदेश पर कोविड अस्पतालों
में मरीजों की दुर्दशा पर भेजा जवाब
बरेली। कोविड अस्पतालों में कुप्रबंधन, दुर्दशा और संक्रमितों के इलाज में लापरवाही के मामलों में खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर प्रमुख सचिव गृह ने डीएम से जवाब मांगा था। प्रशासन ने इन सवालों के बिंदुवार जवाब शासन को भेज दिए हैं। प्रशासन की ओर से इन मामलों की जांच कराने की भी बात कही गई है।
एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, संक्रमितों की मौत के बाद परिजन की ओर से लगाए जा रहे सभी आरोपों की जांच कराई जा रही है। साथ ही, संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के बाबत पुलिस और सभी विभागों को निर्देशित किया गया है। मास्क न लगाने पर चालान काटे जा रहे हैं। वहीं, नियमों का मखौल उड़ाने पर भी कार्रवाई हो रही है। इसके अलावा संक्रमित मिलने के बाद क्षेत्र को सैनिटाइज कराया जा रहा है। संपर्क में आने वालों की भी जांच हो रही है। गंभीर मरीजों को कोविड अस्पताल पहुंचाने के लिए रिस्पॉन्स टाइम को कम किया गया है। किसी अस्पताल में संक्रमित मिलने पर संबंधित वार्ड को 24 घंटे सील और सैनिटाइज कराया जा रहा है। अब तक हुई सभी कार्रवाइयों और प्रयासों की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है।
अस्पताल में संवासिनियों की सुरक्षा करेगी पुलिस
बरेली। नारी निकेतन में संक्रमित मिलीं संवासिनियों को तीन सौ बेड अस्पताल में आइसोलेट कराया जा रहा है। सोमवार को जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार की निगरानी में 91 संवासिनियों को शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस सुरक्षा में संवासिनी को अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही, पुलिस प्रशासन से अस्पताल में सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की गई है। जब तक संवासिनी स्वस्थ नहीं होंगी पुलिस उनकी निगरानी करेगी। आशंका जताई कि इलाज के लिए अस्पताल आने-जाने के दौरान कहीं कोई संवासिनी संक्रमित हुई होगी। उसके संपर्क में आने से अन्य संवासिनी भी संक्रमण की चपेट में आई हैं। हालांकि, सभी लक्षण रहित हैं। ब्यूरो
सीरो सर्विलांस के लिए आगरा से आएगी टीम
बरेली। समाज में संक्रमण का पता लगाने के लिए आगरा से एक टीम बरेली आएगी। एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद के पत्र के मुताबिक राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइक्रोबैक्टीरियल रोग संस्थान आगरा की टीम को जिले में सीरो सर्विलांस का जिम्मा सौंपा गया है। जो कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक जांच करेगी। यही टीम उन्नाव और औरैया जिले में भी संक्रमण के समाज में फैलाव का पता लगाने के लिए जाएगी। बताया कि अभी तक यह नहीं पता चला है कि टीम कब आएगी मगर टीम के आने के बाबत स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अफसरों को जानकारी दे दी गई है। ब्यूरो
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